कोरोना को ठेंगा दिखाने के बाद बच्चन साहब दूसरी अपील में क्या कह रहे हैं

विभव देव शुक्ला

कोरोना वायरस का असर फिलहाल पूरी दुनिया झेल रही है। शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इस बीमारी का असर इतना भयानक होगा, दुनिया भर के तमाम देशों में हज़ारों लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं। लेकिन इन सब के बीच बीमारी से जुड़ी कुछ खबरें और कोशिशें ऐसी हैं जिनके चलते इसका सामना करना आसान हो जाता है। इसी कड़ी में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने कोरोना वायरस से जुड़ी दो ऐसी पहल की जिसे उनके चाहने वाले काफी पसंद कर रहे हैं।

जलसा मत आइए, सुरक्षित रहिए
रविवार के दिन अमिताभ बच्चन अपने घर ‘जलसा’ के बाहर चाहने वालों से रूबरू होते हैं। लेकिन आज उन्होंने इस कार्यक्रम को रद्द करने का ऐलान किया। अपने आधिकारिक ट्वीटर एकाउंट पर इस बात की जानकारी देते हुए अमिताभ बच्चन ने लिखा,
T 3470 – To all Ef and well wishers an earnest request !PLEASE DO NOT COME TO JALSA GATE TODAY .. SUNDAY MEET am not going to come !
Take PRECAUTIONS .. be safe

Sunday का दर्शन Jalsa पे cancel है, कृपया कोई वहाँ जमा ना हों आज शाम को।
सुरक्षित रहें।
कुल मिला कर अपने चाहने वालों से मुलाक़ात रद्द करने के पीछे इकलौती बड़ी वजह कोरोना बताई जा रही है। महाराष्ट्र पहले ही उन राज्यों की श्रेणी में शामिल है जो इस बीमारी से सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं। लिहाज़ा अमिताभ बच्चन ने जलसा के बाहर ऐसी किसी भी तरह की मुलाक़ात का कार्यक्रम रद्द कर दिया है।

इसके पहले कही थी कविता
इसके पहले 12 मार्च के दिन अमिताभ बच्चन ने एक वीडियो साझा किया था। उस वीडियो में अमिताभ ने बेहद अनूठे अंदाज़ में कोरोना पर एक कविता पढ़ रहे थे।
“बहुतेरे इलाज बतावें ,जन जनमानस सब ,
केकर सुनैं, केकर नाहीं, कौन बताए इ सब ;
केयु कहिस कलौंजी पीसौ, केयु आँवला रस
केयु कहस घर म बैठो, हिलो न ठस से मस
ईर कहेन औ बीर कहेन, की ऐसा कुछ भी Carona ,
बिन साबुन से हाथ धोई के ,केहू के भैया छुओ न ;
हम कहा चलो हमौ कर देत हैं , जैसन बोलैं सब
आवय देयो , Carona-फिरोना , ठेंगुआ दिखाऊब तब !”
~ अब

अपील का मतलब और असल
अमिताभ बच्चन ने कविता में यही लिखा कि भले तमाम लोग अलग-अलग तरह के इलाज बता रहे हों। लेकिन इससे डरने की बिलकुल ज़रूरत नहीं है, सभी साबुन से हाथ धोते रहें और अपना खयाल रखें। आम तौर पर इस तरह की अपील क्षणिक होती है लेकिन इसकी ज़रूरत हमारी समझ से कहीं ज़्यादा है। इस तरह की गुज़ारिशों के अपने मायने और अपना प्रभाव होता है, शायद यही कारण है कि अमिताभ बच्चन की इस अपील को करोड़ों लोगों ने देख कर प्रतिक्रिया दी है।

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