देश के किस राज्य में कोरोना वायरस के सबसे ज़्यादा मरीज ठीक हुए हैं?

विभव देव शुक्ला

हमारा देश कोरोना वायरस की तीसरी स्टेज पर पहुँचने की कगार पर है या कहें लगभग पहुँच चुका है। देश भर में कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की संख्या लगभग 150 हो चुकी है और फिलहाल इसके थमने की कोई संभावनाएं नहीं हैं।
देश भर में ऐसे कुल 16 राज्य हैं जहाँ कोरोना वायरस से प्रभावित मरीज हैं लेकिन इस पूरे मामले का एक अच्छा पहलू भी है। जहाँ एक तरफ लोग कोरोना वायरस से प्रभावित हो रहे हैं वहीं दूसरी तरफ लोग इस वायरस के प्रभाव से बाहर भी आ रहे हैं।

देश के लगभग सभी प्रदेशों में धारा 144 लगवा दी गई है जिसका सीधा मतलब है कि सरकार किसी भी तरह से कम्यूनिटी ट्रांसमीशन का ख़तरा नहीं लेना चाहती है। कम्यूनिटी ट्रांसमीशन का सीधा मतलब है कोरोना वायरस की ‘तीसरी स्टेज’ जिसके बाद कोरोना वायरस का सामना करना मुश्किल होगा।

उत्तर प्रदेश में हालात बेहतर
लेकिन 16 राज्यों के 147 मरीजों में कुछ ऐसे मरीज भी हैं जो पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। इस कड़ी में सबसे पहला नाम है उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में कोरोना प्रभावित मरीजों की संख्या 16 थी जिसमें से 5 मरीज पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। इसके बाद आते हैं राजस्थान और केरल!
राजस्थान में कोरोना से प्रभावित मरीजों की संख्या 4 थी जिसमें से 3 मरीज ठीक हो चुके हैं और केरल में कोरोना से प्रभावित मरीजों की संख्या 27 थी। यहाँ भी 3 मरीजों का इलाज ठीक से हो चुका है और वह खतरे से बाहर हैं। दोनों ही राज्यों में 3-3 मरीज कोरोना के असर से बाहर आ चुके हैं।

14 मरीज हो चुके हैं स्वस्थ्य
इसके अलावा देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की संख्या 10 थी। जिसमें से 2 मरीजों का इलाज सही से हो चुका है। वहीं तेलंगाना की बात करें तो वहाँ कुल 5 लोग कोरोना वायरस से प्रभावित थे। लेकिन यहाँ भी 1 मरीज को कोरोना के असर से बाहर निकाला जा चुका है। कुल मिला कर देश भर में 14 मरीजों का इलाज अच्छे से किया जा चुका है और वह कोरोना वायरस के ख़तरे से पूरी तरह बाहर हैं।

अफवाहों से बचाव ज़रूरी
फिलहाल हमारे देश की सरकार और जनता के सामने सबसे बड़ी समस्या यही है। सरकार से लेकर महकमे तक और महकमों से लेकर अधिकारियों तक, सभी इस बीमारी का सामना करने में जुटे हुए हैं। कोरोना को लेकर तमाम तरह की बातों और अफवाहों का बाज़ार भी गरम है लेकिन समाज का एक बड़ा वर्ग इसके लिए जागरूक भी है। ऐसे कठिन समय में कोई व्यक्ति किसी भी तरह की लापरवाही नहीं कर सकता है।

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