फटकार के बावजूद नहीं माना मुकेश, अब हाईकोर्ट पहुंचा

नई दिल्ली

पटियाला हाउस कोर्ट ने जिस याचिका को खारिज किया, उसे ही लेकर हाईकोर्ट पहुंचा, दावा किया कि जिस दिन रेप हुआ वह दिल्ली में था ही नहीं

20 मार्च, फांसी का दिन, जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है निर्भया के दोषियों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। मंगलवार को दिल्ली कोर्ट में फटकार लगने के बावजूद दोषी मुकेश उसी याचिका को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है। निर्भया के दोषी मुकेश ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। पटियाला हाउस कोर्ट ने मुकेश की उस याचिका को खारिज किया था, जिसमें दावा किया गया था कि निर्भया के गैंगरेप वाले दिन तो वह दिल्ली में था ही नहीं। हाई कोर्ट इस याचिका पर आज ही दोपहर में सुनवाई करेगा।

सरकारी वकील ने याचिका को बेमतलब बताते हुए कहा था कि यह फांसी टालने के लिए तिकड़म है।

दोषी मुकेश की याचिका पर सुनवाई करते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को दोषी के वकील को फटकारा था। कहा गया कि अदालत का समय कीमती है, इसे चतुराई से इस्तेमाल करना चाहिए। एडिशनल सेशन जज धर्मेंद्र राणा ने दोषी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि न्यायिक संस्था के लिए समय बहुत कीमती है। उसका चतुराई से इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

उन्होंने मामले को बार काउंसिल ऑफ इंडिया के पास भिजवाते हुए निर्देश दिया कि वह दोषी के वकील एमएल शर्मा को संवेदनशील बनाएं। शर्मा ने ही मुकेश की ओर से अदालत में याचिका लगाई थी। जज राणा ने कहा था, ‘दोषियों के वकील ने न सिर्फ कोर्ट में झूठा तथ्य रखा, बल्कि वह वकील के रूप में अपने कर्तव्य का पालन भी करने में विफल रहे, जिसमें उन्हें न्याय के लिए कोर्ट के सामने सभी तथ्य रखने होते हैं।’

क्या दावा किया गया

वकील शर्मा ने दावा किया था कि मुकेश को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था और उसे 17 दिसंबर 2012 को दिल्ली लाया गया था। याचिका में यह भी कहा गया कि मुकेश 16 दिसंबर को शहर में मौजूद नहीं था, जब यह अपराध हुआ था। सरकारी वकील इरफान अहमद ने याचिका का विरोध किया। दोषी की याचिका को बेमतलब बताते हुए दावा किया कि यह फांसी को टालने के लिए एक तिकड़म है। शर्मा ने याचिका में यह भी आरोप लगाया कि मुकेश सिंह को तिहाड़ जेल के अंदर प्रताड़ित किया गया। निचली अदालत ने दोषियों की फांसी के लिए 20 मार्च की तारीख तय की है। दोषियों ने 16 दिसंबर 2012 की रात 23 साल की पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ चलती बस में दरिंदगी की थी।

दोषियों ने मृत्युदंड पर रोक लगाने की मांग की, कोर्ट का तिहाड़ व पुलिस को नोटिस

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में मौत की सजा पाए चार दोषियों के वकील ने बुधवार को यहां एक याचिका दायर कर अदालत से उनके मृत्युदंड पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि उनकी दूसरी दया याचिका अब भी लंबित है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने इस याचिका पर तिहाड़ जेल के अधिकारियों और पुलिस को नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह इस पर कल सुनवाई करेंगे। दोषी अक्षय सिंह ने मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के समक्ष दूसरी दया याचिका दायर की थी। उसी दिन एक अन्य दोषी पवन गुप्ता ने भी उच्चतम न्यायालय में सुधारात्मक याचिका दायर की जिसमें उसने अपने किशोर होने से जुड़ी पुनर्विचार याचिका खारिज किये जाने को चुनौती दी थी।

पवन जल्लाद ने की रिर्हसल

निर्भया के दोषियों के चार दोषियों की 20 मार्च को होने वाली फांसी की बुधवार सुबह तिहाड़ जेल में जल्लाद पवन की मौजूदगी में रिर्हसल हुई है। सूत्रों के अनुसार, पवन जल्लाद ने जेल प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में दोषियों के डमी को फांसी पर लटकाने का रिहर्सल किया। तिहाड़ जेल ने दो दिन पहले ही पवन जल्लाद को जेल में बुला लिया था। दिल्ली की एक अदालत ने 20 मार्च को सुबह 5.30 बजे निर्भया के दोषियों का डेथ वॉरंट जारी किया है।

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