इस्तीफ़े के दौरान भाजपा और जनता से क्या कहा कमलनाथ ने?

विभव देव शुक्ला

मध्य प्रदेश में चल रही सियासी उठा पटक पर आज शाम 5 बजे तक तस्वीर साफ होनी थी। लेकिन सियासत में किस क्षण क्या हो जाए इसका कोई भरोसा नहीं। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए आदेशानुसार मध्य प्रदेश सरकार को आज फ्लोर टेस्ट देना था। उसके पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कुछ समय पहले प्रेस वार्ता की और उसमें अपना इस्तीफ़ा सौंपने का ऐलान कर दिया।

भाजपा को मिले 15 साल
पत्रकारों को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा मुझे जनता ने पूरे 5 साल के लिए बहुमत दिया था। इसके पहले भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश की जनता ने 15 साल का समय दिया था। अंततः मैंने फैसला किया है कि मैं राज्यपाल को इस्तीफ़ा सौंप दूंगा।
इसके बाद कमलनाथ ने कहा हमने काम किया लेकिन यह बात भाजपा को पसंद नहीं आई। हमारी सरकार पर अभी तक किसी भी तरह का कोई आरोप नहीं लगा था। भाजपा ने पूरे प्रदेश की आवाम के साथ धोखा किया है और हमें किसानों के लिए काम नहीं करने दिया। भाजपा सोचती है कि मेरे प्रदेश को हरा कर खुद जीत जाएगी।

विधायकों को बंधक बनाया गया
कमलनाथ ने सुबह 11 बजे अपने विधायक दल की बैठक बुलाई थी। इसके बाद दोपहर 12 बजे प्रेस वार्ता की, वार्ता के दौरान उन्होंने भाजपा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा हमारे 22 विधायकों को करोड़ों का लालच देकर बंधक बनाया गया और अलोकतांत्रिक तरीके से सरकार गिराने की कोशिश की गई।
प्रेस वार्ता के कुछ समय पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस में जनसम्पर्क मंत्री पीसी शर्मा ने भी भाजपा पर कई आरोप लगाए थे। उनका कहना था भाजपा हॉर्स ट्रेडिंग नहीं कर रही है बल्कि ‘एलीफेंट ट्रेडिंग’ कर रही है। हम बहुमत साबित करेंगे, हमारे पास फोर्मूला 5 है। 12 बजे की प्रेस वार्ता में सब साफ हो जाएगा, उसमें हम यह भी बताएँगे कि कैसे हमारे विधायकों को बंधक बनाया गया।

मेरी क्या गलती थी
इसके अलावा कमलनाथ ने मीडिया वालों से कहा कि 11 दिसंबर 2018 को पिछली विधानसभा का परिणाम आया था। जिसमें कांग्रेस सबसे अधिक सीटें हासिल करके आई थी। 17 दिसंबर को मैंने शपथ ली और 25 दिसंबर को मंत्रिमंडल की शपथ हुई थी। आज 20 मार्च है, इस दौरान हमारा प्रयास प्रदेश की तस्वीर बदलने का रहा। 15 महीनों में मेरी क्या गलती थी, अपने राजनीतिक जीवन में मैंने काम पर विश्वास रखा?

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