जनता कर्फ़्यू के दिन क्या करेंगे ‘शाहीन बाग’ के प्रदर्शनकारी?

विभव देव शुक्ला

शाहीन बाग एक बार फिर चर्चा में है लेकिन इस बार मामला विरोध बढ़ने का नहीं बल्कि दूसरा है। देश में फिलहाल जो कुछ हो रहा है उससे सभी डरे हुए हैं, सरकार से लेकर जनता तक, सभी हर तरह की सावधानी बरत रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि देश की राजधानी दिल्ली के ‘शाहीन बाग’ में क्या हालात हैं? क्योंकि शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर विरोध जारी है तो क्या वहाँ भी सावधानी का ध्यान रखा जा रहा है?

उपयोग कर रहे हैं मास्क
चूंकि शाहीन बाग में काफी संख्या में प्रदर्शंकारी विरोध कर रहे हैं। लिहाज़ा वहाँ कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने की ज़्यादा संभावनाएं हैं इसलिए शाहीन बाग में सेनेटाइज़र रखा गया है। इसके अलावा विरोध करने वालों ने फेस मास्क भी लगा रखा है जिससे संक्रमण का ख़तरा बढ़ने न पाए।
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए शाहीन बाग की एक महिला ने वहाँ के हालातों के बारे में जानकारी दी। महिला ने कहा, जिस तरह हम संविधान के लिए खड़े हुए हैं थी वैसे ही हम कोरोना से लड़ने के लिए भी खड़े हुए हैं। हम मिल का इस महामारी का सामना करेंगे, हम कल भी यहाँ आएंगे और अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।

सिर्फ 4 घंटे तक होगा प्रदर्शन
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने कहा कोरोना वायरस महामारी की बढ़ती समस्या के कारण रविवार से वहाँ आने वाला कोई भी प्रदर्शनकारी सिर्फ चार घंटे ही यहाँ रहेगा। उसके बाद वह शाहीन बाग से चला जाएगा। यह व्यवस्था रविवार से लेकर कोरोनावायरस की समस्या समाप्त होने तक या कानून वापस होने तक जारी रहेगी।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान शाहीनबाग में माइक से किसी तरह की कोई घोषणा नहीं होगी। प्रदर्शनकारियों ने यह भी फैसला किया है कि प्रदर्शनस्थल पर बच्चे और बुजुर्ग मौजूद नहीं होंगे, और विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से होगा।

23 मार्च को होनी है सुनवाई
वहीं देश की सबसे बड़ी अदालत भी 23 मार्च को इस मामले पर सुनवाई करेगी। दरअसल सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी जिसमें शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन को रुकवाने और जगह को पूरी तरह खाली कराने की बात कही गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया था कि कोरोना वायरस के चलते रविवार के दिन सुबह 7 बजे से लेकर रात के 9 बजे जनता कर्फ़्यू रहेगा। जब तक कोई बहुत ज़रूरी काम नहीं होता तब तक कोई भी व्यक्ति अपने घर स नहीं निकले।

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