पहले नज़रबंद से पिता को किया रिहा अब बेटे को रिहाई के आदेश

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। 

जम्मू-कश्मीर सरकार ने उमर अब्दुल्ला को रिहा करने का आदेश जारी किया गया है। वह जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद थे। बाद में उन पर पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट भी लगा दिया गया था, जिसे अब हटाया जाएगा।

मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला की रिहाई के आदेश जारी किए हैं। इसी महीने उमर अब्दुल्ला की बहन सारा पायलट ने पब्लिक सेफ्टी एक्ट 1978 (पीएसए) के तहत अब्दुल्ला की हिरासत को लेकर चुनौती दी थी।

वहीं अब्दुल्ला की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से पूछा था कि अगले सप्ताह तक बताएं कि उमर अब्दुल्ला को रिहा किया जा रहा है या नहीं? साथ ही कोर्ट ने कहा था कि अगर आप उमर अब्दुल्ला को रिहा कर रहे हैं तो उन्हें जल्द रिहा कीजिए या फिर हम हिरासत के खिलाफ उनकी बहन की याचिका पर सुनवाई करेंगे।

उमर अबदुल्ला श्रीनगर में पीएसए के तहत हिरासत में रखा गया था। इससे पहले उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को रिहा किया गया था। कुछ दिनों में एक बॉन्ड पर सिग्नेचर कराकर कई नेताओं को रिहा किया गया था। यह बॉन्ड 370 के खिलाफ प्रदर्शन न करने की गारंटी थी। इससे पहले उनके पिता फारूक अब्दुल्ला की नजरबंदी खत्म की गई थी।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और राज्य को दो हिस्सों में बांटने से यानी 5 अगस्त से उमर अब्दुल्ला को हिरासत में ले लिया गया था। उन पर पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) भी लगाया था। उमर पर आरोप था कि उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए लोगों को भड़काने का काम किया था।

पूर्व सीएम नेशनल कांफ्रेंस के नेता  फारूक अब्दुल्ला, आईएएस से राजनेता बने शाह फैसल, पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती, नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता अली मोहम्मद सागर और पीडीपी नेता सरताज मदनी पर पीएसए लगाया गया था।

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