आखिर क्यों स्वास्थ्यकर्मियों को मकान मालिक घर से निकलने की धमकी दे रहे

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कोरोना वायरस का इलाज डॉक्टर्स अपनी जान की बाज़ी लगाकर कर रहे हैं। उन्हें जहाँ हर तरफ़ से प्यार और सम्मान बक्शा जा रहा है वहीं उनके सामने रहने को लेकर एक बड़ी समस्या आ गयी है क्योंकि उनके किरायदार उनको मकान खाली करने के आदेश दे रहे हैं।

वहीं ऐसे भी कई स्वास्थ्यकर्मी हैं, जो कई दिनों से अपने घर तक नहीं गए हैं, ताकि देश के अन्य नागरिक सुरक्षित रहें। कोरोना से संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ हो सकें। इन सब के बीच मकान मालिकों का ये व्यवहार वाकई चकित करने वाला है। 

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के रेजीडेंट डॉक्‍टर्स एसोशिएशन ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर किराए के मकानों से मेडिकल कर्मचारियों और डॉक्‍टरों बेदखल करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने जाने की गुहार लगाई है। साथ ही आने जाने के लिए परिवहन सुविधाओं के लिए प्रावधान  करने का अनुरोध किया है।

रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने 24 मार्च को गृह मंत्रालय को एक लेटर भी लिखा जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे मकान मालिकों द्वारा अत्याचार किया जा रहा है।

उन्होंने लिखा,  “COVID-19 के मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर, नर्स और अन्य हेल्थ वर्कर, जो किराये के घरों में रह रहे हैं, उन्हें घर खाली करने के लिए बोला जा रहा है। कोरोना वायरस के फैलने के डर से कई मकान मालिकों ने इनसे घर खाली भी करवा दिया है। कई डॉक्टर ऐसे हैं, जो सामान के साथ सड़कों पर हैं। उनके पास कहीं जाने की जगह नहीं है। हम चाहते हैं कि आप ऐसे मकान मालिकों के खिलाफ एक्शन लें। इन्हें जबरन घर खाली करवाने से रोकने के लिए ऑर्डर दें।”

गृहमंत्री ने डॉक्टरों के इस अनुरोध का संज्ञान लिया है और दिल्ली के पुलिस कमिश्वर को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। 

डॉक्टरों द्वारा लिखी गयी चिट्टी पर स्वास्थ्य मंत्री का जवाब आया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, “दिल्ली, नोएडा, वारंगल और चेन्नई में काम कर रहे डॉक्टर, नर्स और हेल्थ वर्कर्स को इस तरह घर खाली करने को बोल दिया गया, ये जानकर दुख हो रहा है। मकान मालिक COVID-19 संक्रमण के डर से उन्हें बेदखल करने की धमकी दे रहे हैं। कृपया ऐसा न करें। घबराये नहीं।”

वहीं एसोसिएशन ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ऐसी शिकायतें कई जगहों से आ रही है। उन्होंने मकान मालिकों के ऐसे व्यवस्था की निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों की वजह से हम कोरोना जैसी महामारी से लड़ने की घड़ी में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। जहाँ हर तरफ़ पूरा देश लॉक डाउन की स्थिति है ऐसे में उन्हें आने जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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