अस्पताल में महिला स्टाफ को अश्लील इशारे करने वाले जमातियों पर क्या बोले योगी

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

देश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है, लेकिन इसे रोकने की बजाय तबलीगी जमात ने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रखी है। पहले निजामुद्दीन स्थित मरकज में लोगों को इकठ्ठा किया अब क्वारंटाइन में रखे गए इन जमातियों ने नर्सों के साथ दुर्व्यवहार किया है।

खबरों के मुताबिक, गाजियाबाद में निजामुद्दीन स्थित मरकज से लाकर भर्ती कराए गए तबलीगी जमात के लोगों द्वारा नर्सों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के मामले पर योगी ने रासुका लगाने का आदेश दिया है।

पुलिसकर्मियों और चिकित्सा कर्मियों के साथ अभद्रता या मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार बहुत सख्त कार्रवाई करेगी और इन पर रासुका भी लगाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा, “ये ना कानून को मानेंगे, ना व्यवस्था को मानेंगे, ये मानवता के दुश्मन हैं। जो इन्होंने महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किया है वो जघन्य अपराध है। इन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाया जा रहा है, हम इन्हें छोड़ेंगे नहीं।” 

वहीं यूपी सरकार ने निर्देश दिया है कि​ क्वारंटाइन में रखे गए तबलीगी जमात कार्यक्रम में शामिल लोगों के इलाज और सुरक्षा में महिला स्वास्थ्यकर्मी और महिला पुलिसकर्मियों को तैनात नहीं किया जाएगा। एमएमजी अस्पताल स्टाफ ने कार्यक्रम में शामिल लोगों के नर्सों के साथ दुर्व्यवहार करने की शिकायत की थी। 

अपने शिकायत में जिला अस्पताल ने सीएमओ को चिट्ठी लिखी। बाद में मुख्यमंत्री ने ग़ाज़ियाबाद की घंटाघर कोतवाली पुलिस से इसकी शिकायत की, जिस पर केस दर्ज कर लिया गया। योगी ने अपनी चिट्ठी में कहा, “उपरोक्त विषयक आपसे अनुरोध करना है कि इस चिकित्सालय में तैनात स्टाफ़ नर्सों द्वारा अपने पत्र दिनांक 01/04/2020 में लिखित रूप से अवगत कराया गया है। इस चिकित्सालय में आइसोलेशन वॉर्ड में कोरोना वायरस से संभावित जमाती मरीज़ वॉर्ड में बिना पैंट के नंगे घूम रहे हैं। वॉर्ड में गंदे व अश्लील गाने सुन रहे हैं तथा स्टाफ़ नर्सों और कर्मचारियों से बीड़ी-सिगरेट की मांग कर रहे हैं. महिला कर्मियों से अश्लील इशारे कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में चिकित्सालय से उनका इलाज करना संभव नहीं हो पा रहा है। अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया ऐसी गंभीर स्थिति को देखते हुए इस संबंध में अपने स्तर से प्रभावी कार्यवाही करने/ कराने का कष्ट करें, ताकि उन्हें संयमित रखकर उनका उपचार किया जा सके।”अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में नर्सों के साथ अभ्रदता करने वालों पर एनएसए लगाने की बात कही है। अवस्थी ने बताया, ” पुलिस तथा मेडिकल टीम पर हमला करने वालों या उनके साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई होगी और ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।” 

योगी सरकार यह कदम ऐसे लोगों के लिए उठा रही है जो लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं और पुलिस वालों के साथ अभद्रता या मारपीट कर रहे हैं। वहीं कुछ अन्य राज्यों में स्वास्थ्य विभाग के लोगों के साथ भी अभद्रता के समाचार मिले हैं।

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को जानकारी मिली थी कि अलीगढ़ के बन्नादेवी में एक मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए लोग इकट्ठा हो रहे हैं। बन्नादेवी के सर्कल ऑफिसर पंकज श्रीवास्तव उन्हें समझाने के लिए पहुंचे। पुलिस ने इन लोगों को लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का हवाला देकर समझाया कि एक जगह पर इकट्ठा न हो। इससे कोरोना के फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। इतने में ही उनपर पत्थर फेंके जाने लगे। इस मामले में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। 

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