यूरोप में 628200 केस, 47000 लोगों की मौत

रोम/मैड्रिड

कोरोना बना ड्रैकुला इटली और स्पेन में वायरस ने ढाया ज्यादा कहर

कोरोना वायरस यानी कोविड-19 यूरोप के लिए ड्रैकुला बन चुका है। रविवार शाम तक यूरोप में 6,28,200 मामले सामने आए। जबकि 47,035 मरीजों की मौत हो चुकी है। इटली और स्पेन पर सबसे अधिक मार पड़ी है। जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक इटली में 15,362 और स्पेन में 12,418 लोग इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बाद फ्रांस में 7,560 और ब्रिटेन 4,313 लोगों की मौत अब तक दर्ज की जा चुकी है। हालांकि इटली के लिए थोड़ी राहत भरी खबर शनिवार को आई, जब उसके यहां कोरोना वायरस गहन देखभाल मरीजों की संख्या में पहली बार गिरावट दर्ज की गई। इटली में दो हफ्ते में पहली बार कोरोना वायरस के कारण सबसे कम दैनिक मृत्यु दर्ज की गई है। साथ ही उसने कहा है कि गहन देखभाल में रहने वाले मरीजों की संख्या में पहली बार कमी आई है।

स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने ऐलान किया है कि देश में तालाबंदी 25 अप्रैल तक जारी रहेगी। स्पेन में कोविड-19 के मामलों में पिछले कुछ दिनों में कमी आई है। यहां लगातार तीसरे दिन कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या में कमी देखी गई। महामारी से रविवार को 674 लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछले दस दिन में दर्ज की गई यह सबसे कम संख्या है। स्पेन और इटली दोनों का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी चरम पर पहुंच चुकी है।

वायरस हमारी सोच से ज्यादा मजबूत : पेद्रो सांचेज

स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने कहा है कि वह संसद से अपील करेंगे कि देश में लागू लॉकडाउन को 25 अप्रैल की रात बढ़ा दें। स्पेन में नए मामलों और वायरस से होने वाली मौतों की दर में कमी आई है। स्पेन उन देशों में शामिल है जहां इटली के बाद सबसे अधिक मौतें हुई हैं। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में सांचेज ने कहा कि मौजूदा लॉकडाउन नतीजा दे रहा है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि शनिवार को देश के आपातकाल की स्थिति का विस्तार अंतिम नहीं है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “हम महामारी की कमी की शुरुआत में हैं। हम जितना सोचते हैं, वायरस उससे अधिक मजबूत हैं, लेकिन हमें सहना पड़ रहा है। बलिदान, प्रतिरोध और जीत की भावना के साथ हम इससे भी पार पा लेंगे।” साथ ही उन्होंने कहा है कि ईस्टर के बाद कुछ आर्थिक गतिविधियों पर लगी रोक में नरमी दी जाएगी।

बर्लिन में मृत्यु दर कम, पर बुरा दौर आना बाकी

बर्लिन। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में शनिवार को आसमान साफ होने के साथ ही लोग कोरोना वायरस के कारण लगाए प्रतिबंधों का उल्लंघन करते दिखे। पुलिस ने प्रतिबंध के उल्लंघन करने के मामले में 24 घंटे के भीतर 30 लोगों के खिलाफ आपराधिक आरोप जारी किए तो वहीं 79 लोगों को कानून के उल्लंघन करने पर चेतावनी जारी की गई। बर्लिन के पार्कों में शनिवार को कई लोग कानून तोड़ते हुए पहुंच गए। हालांकि लोग सामाजिक दूरी के नियमों का पालन भी करते दिखे।

बर्लिन में सामाजिक दूरी के नियमों के मुताबिक लोग बाहर तो जा सकते हैं, लेकिन उन्हें दूसरे लोगों से संपर्क सीमित रखना है। दूसरे घर के लोग आपस में डेढ़ मीटर की दूरी पर मिल सकते हैं। जर्मनी में इस तरह के नियम 19 अप्रैल तक लागू रहेंगे। जर्मनी में अब तक कोरोना वायरस के 96,108 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जबकि देश में 1,444 लोगों की मौत इस महामारी के कारण हो गई है। जर्मनी का बावेरिया और नॉर्थराइन वेस्टफेलिया सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं। जर्मनी में मृत्यु दर बाकी यूरोपीय देशों से कम है, लेकिन सरकार का कहना है कि सबसे बुरा दौर आना अभी बाकी है। चांसलर कार्यालय के हेल्गे ब्राउन ने कहा, “सरकार का काम है कि इस संकट के सबसे बुरे दौर में नागरिकों को बचाने की तैयारी करे। संक्रमण दर का सबसे बुरा दौर अभी तक नहीं आया है, लेकिन निकट भविष्य में देश को इसका सामना करना होगा।

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