कोरोना से पहले अफवाहों से बचिए, अब ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को बेचने का आया विज्ञापन

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

गुजरात के नर्मदा जिले के केवड़िया स्थित ‘‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’’ को बेचने के लिए एक शख्स ने ओएलएक्स पर विज्ञापन दे डाला। हालांकि उसे यह हरकत भारी पड़ी। विज्ञापन जारी करने को लेकर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।

केवड़िया पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने प्राथमिकी का हवाला देते हुए बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने शनिवार को ओएलएक्स पर एक विज्ञापन दिया जिसमें उसने अस्पतालों और स्वास्थ्य संबंधी उपकरणों को खरीदने के लिए ‘‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’’ को 30,000 करोड़ रुपये में बेचने की आवश्यकता जताई।

व्यक्ति कौन है, इसका पता अभी पुलिस नहीं लगा पाई है, लेकिन एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए मेडिकल बुनियादी ढांचे और अस्पतालों पर होने वाले सरकारी खर्च को पूरा करने के लिए इस स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की 30,000 करोड़ रुपये में बिक्री के लिए विज्ञापन जारी किया था। यह सरदार पटेल का स्मारक है और प्रतिमा 182 मीटर ऊंची है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में इसका उद्घाटन किया था।

इंस्पेक्टर पी टी चौधरी ने कहा कि एक अखबार में इसकी रिपोर्ट आने पर स्मारक के अधिकारियों को इसका पता चला और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभिन्न कानूनों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। बाद में विज्ञापन को वेबसाइट से हटा दिया गया।

इसमें 6.5 तीव्रता को भूकंप को सहने की क्षमता है। इसके साथ ही यह 220 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को भी सहन कर सकता है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो 19,700 वर्ग किलोमीटर में फैली एक परियोजना का हिस्सा है।

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