कोरोना से पहले इस व्यक्ति की जान गांव वालों के तानों ने ले ली

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में रविवार 5 अप्रैल की सुबह एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। बंगागढ़ गांव निवासी दिलशाद मुहम्मद नाम के इस व्यक्ति ने अपने घर में ही फांसी लगा ली।

37 साल के मुहम्मद दिलशाद ने अपने घर में आत्महत्या कर ली। गुजरे कुछ दिनों से वह गांववालों के तानों और सामाजिक भेदभाव का शिकार हो रहे थे।

ताने इसलिए मारे जा रहे थे क्योंकि वो तबलीगी जमात के एक व्यक्ति के संपर्क में आये थे। अब संपर्क में आने के कारण उनकी जांच भी हुई, रिजल्ट नेगेटिव आया लेकिन लोगों ने ताने मारना नहीं छोड़ा। दिलशाद इस बात को लेकर इतना ज्यादा डिस्टर्ब हो गए कि उन्होंने खुद की जान ले ली।

बनगढ़ की ग्राम प्रधान प्रोमिला ने भी कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस इस मामले की तफ़्तीश कर रही है। इसके बावजूद मुझे लगता है कि वह अपमानित महसूस कर रहे थे। वह एक अच्छे शख़्स थे और सामाजिक रूप से लोगों से जुड़े रहते थे। मुझे नहीं पता कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी ख़त्म करने का फ़ैसला क्यों किया।”

इस मामले में मौके पर मौजूद स्थानीय पुलिस प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि दिलशाद को 2 अप्रैल को ऊना के एक क्षेत्रीय अस्पताल में ले जाया था, क्योंकि वह तब्लीगी जमात में शामिल दो लोगों से मिला था। इस वजह से उसका मेडिकल करना जरूरी हो गया था। इसी के चलते उसे अस्पताल लेकर पुलिस की एक टीम गयी थी। उसकी टेस्ट रिपोर्ट नेगटिव आयी थी, जिसके बाद उसे वापस घर भेज दिया गया था।

दिलशाद के भाई गुलशन मुहम्मद ने कहा, “दिलशाद पूरी तरह से बेकसूर थे। वह गांववालों के तानों से काफ़ी व्यथित थे गांव वाले उन पर कोरोना वायरस का कैरियर होने का शक जता रहे थे। दिलशाद की ग़लती महज इतनी थी कि वह एक ऐसे शख़्स के संपर्क में आए थे जो कि तबलीग़ी जमात से लौटा था और गांव की मस्जिद में ठहरा था।”

ऊना सदर के एसएचओ दर्शन सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि दिलशाद के सुसाइड के मामले की जांच चल रही है। सामाजिक तौर पर भेदभाव होने वाली बात की जांच हो रही है।

डीजीपी सीताराम मर्दी ने कहा, “गांव वालों को शक था कि दिलशाद को भी COVID-19 हो गया है। जानकारी मिलने पर उसे क्वारंटीन किया गया और उसका टेस्ट हुआ, जो कि निगेटिव आया। जब वो क्वारंटीन सेंटर से लौटा, तो गांव वालों ने उसके साथ भेदभाव किया। सामाजिक तौर पर बहिष्कार किया गया। इस वजह से उसने सुसाइड कर लिया।”

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन सबके बीच डीजीपी ने एक बार फिर लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील की। साथ ही ये भी कहा कि इसका पालन करते वक्त भेदभाव न करें। उन्होंने कहा कि ये जंग कोरोना के खिलाफ है, किसी व्यक्ति या समुदाय के खिलाफ नहीं।
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