कोरोना से बचने के लिए ग्रामीणों ने खुद सील कर लिए अपने गांव

विनोद शर्मा | इंदौर

आने वाले कल के लिए ग्रामीण आज बीमारी को हराकर कल सुरक्षित करना चाहते हैं

इंदौर जैसे शहर में लॉकडाउन का पालन कराने में जहां प्रशासन और पुलिस का पसीना छूट रहा है, वहीं रालामंडल और मिर्जापुर जैसे दर्जनों गांव में ग्रामीणों ने खुद ही अपने गांव की सीमा सील कर दी है, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति गांव में प्रवेश न कर सके। वहां पहरेदारी की जिम्मेदारी भी गांव के युवा निभा रहे हैं। पुलिस से कह दिया गया है कि कोई विवाद हुआ तो आपको बुला लेंगे।

रालामंडल की इंट्री एक तरफ खंडवा रोड से है, दूसरी तरफ बायपास से। कुछ दिन से बायपास पर कुछ लोगों द्वारा फल-सब्जी की दुकानें लगाई जा रही थीं। गांव के कुछ लोग भी सब्जी बेच रहे थे, जिससे भीड़ लग रही थी और बीमारी का खतरा बढ़ रहा था। इसीलिए सोमवार को गांव के युवाओं की मीटिंग हुई। तय हुआ कि गांव सील कर दें। सचिव मुकेश पटेल ने बताया गांव से लगे लिम्बोदी और बिलावली में कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। इसीलिए रालामंडल को बचाना जरूरी था। खंडवा रोड और बायपास से बाहरी व्यक्तियों की इंट्री बंद कर दी।

आसपास जितने गांव हैं, उनके सरपंच और सचिवों से बात हुई। सब सहमत हुए। उसके बाद मिर्जापुर, असरावद खुर्द, मोरोद, माचला, उमरीखेड़ा, मेमंदी, दतौदा, जोशी गुराड़िया, शिव नगर तक के गांव में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया। असरावद के सरपंच भोजराज चौधरी ने बताया गांव के लोगों को स्वस्थ रखना हमारी जिम्मेदारी है। इसीलिए सीमा सील की।

खंडवा रोड के दर्जनभर से ज्यादा गांवों में समझदारी भरा लॉकडाउन

बारी-बारी से करेंगे पहरेदारी पूरा क्षेत्र तेजाजी नगर थानांतर्गत आता है। ग्रामीणों द्वारा स्वयं सीमा सील करने की पुलिस प्रशासन ने तारीफ की, साथ ही हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इस पर ग्रामीणों ने कहा आप ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ से निश्चिंत रहें। बारी-बारी से गांव के युवा ही सीमा की पहरेदारी कर लेंगे। कोई विवाद हुआ तो आपको याद करेंगे।

बैरिकेड लगाकर लिखा… बाहरी व्यक्ति न आए

मालवा मिल-पाटनीपुरा रोड पर चंद्रपाल उस्ताद व्यायामशाला के पास जो गली है, उसे बैरिकेड्स, बांस-बल्ली, पटियों से बंद कर दिया गया। ऊपर एक बैनर लगा दिया, जिस पर हाथ से लिखा है गली में बाहरी व्यक्तियों का आना वर्जित है।

इसी तरह लगातार संक्रमितों के सामने आने के बाद ग्रीन पार्क कॉलोनी की कई गलियां बंद कर दी गईं। जावेद शेख ने बताया पूरी गली में एक आदमी तय कर दिया है, जो कोने से ही दूध-अखबार कलेक्ट करके घर-घर पहुंचा देता है।

दतौदा ग्राम के पूनमचंद पटेल ने बताया गांव में आने के सभी रास्ते ग्रामीणों ने बंद कर दिए हैं। इसके अलावा क्षेत्र में गश्त करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए भोजन का प्रबंध भी ग्रामीणों द्वारा ही किया जा रहा है।

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