भाई-बहन की मौत से प्रशासन में मचा हड़कंप

ब्यूरो | बागली

कोरोना का कहर… राघोगढ़ में 10 माह की बालिका व ढाई साल के बालक की मौत, ऐहतियातन पूरे परिवार सहित पड़ौसियों को भी किया क्वॉरेंटाइन, ग्रामीणों में दहशत के साथ लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर आक्रोश

समीप ग्राम राघोगढ़ में गांव के चौकीदार इब्राहिम पठान के पुत्र शहीद की 10 माह की बेटी सुमायरा की मंगलवार सुबह अचानक तबियत ख़राब होने पर उसे इंडेक्स हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उसी दिन शाम को उसे परिवारवालों ने वापस गांव लाकर दफ़ना दिया। अगले दिन बुधवार सुबह उक्त बालिका के ढाई वर्षीय भाई सुमिर की भी अचानक तबियत ख़राब हो गई। उसे 108 एम्बुलेंस से बागली हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई।

अचानक दोनों बच्चों की हुई मौत से पूरे गांव के साथ ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। दोनों बच्चों की मौत को संदिग्ध मानकर प्रशासन द्वारा ऐहतियात के तौर पर तत्काल घर के बाकी सदस्यों को घर में ही क्वॉरेंटाइन किया गया है। सीबीएमओ डॉ. विष्णुलता उइके के अनुसार बालक की मौत अस्पताल में आने से पूर्व रास्ते में ही हो गई थी। चूंकि परिजनों के अनुसार उसे उल्टी-दस्त की शिकायत थी, वहीं परिवार में गुरुवार को ही एक 10 माह की बच्ची की भी मौत हुई थी। इसलिये ऐहतियात बतौर व वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें सेंपलिंग के लिए देवास भेजा गया है।

अस्पताल को भी सैनेटाइज किया जा रहा है। ग्रामीणों में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर काफी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि दोनों बच्चों को समय पर आसपास ही इलाज मिल जाता तो शायद वह जिंदा होते। सूचना मिलते ही डबल चौकी मेडिकल ऑफिसर डॉ. शीला वर्मा अपनी टीम के साथ पहुंचीं और परिवार के सभी सदस्यों की स्क्रीनिंग की। इस दौरान पुलिस के साथ पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद था।

झाबुआ में भी कोरोना से संदिग्ध वृद्ध की मौत

झाबुआ। मेघनगर निवासी एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। मृतक की जांच रिपोर्ट इंदौर से आना शेष हैं। हालांकि मृतक टीबी बीमारी से पीड़ित था और पिछले कई दिनों से मेडिसिन नहीं ले रहा था, पर मृतक को सांस लेने में हो रही तकलीफ से डाॅक्टर टीम चितिंत थी। प्रशासन पूर्ण सर्तकता बरत रहा है और मृतक की हिस्ट्री निकाल रहा है कि वह पिछले दिनों कहां-कहां गया और किन-किन के सम्पर्क में आया। पूरी स्थिति रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

पूरे ऐहतियात बरते जा रहे हैं

सूचना मिलते ही मैं पटवारी अमित शर्मा के साथ गई थी। मेडिकल ऑफिसर द्वारा प्रथम दृष्टया दी गई जानकारी में कोरोना जैसे कोई ऐसे लक्षण नहीं हैं, फिर भी ऐहतियात के तौर पर पूरे परिवार को क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है। दर्शनी सिंह ठाकुर, तहसीलदार, बरोठा

पीएम रिपोर्ट का इंतजार है

बच्चे का बागली में पोस्टमार्टम नहीं हो पाया इस कारण देवास लाया गया है। जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक दोनों बच्चों की मौत की वजह बता पाना मुश्किल है। रिपोर्ट आने तक बच्चे की डेड बॉडी को देवास में ही मर्च्यूरी में रखा गया है। राजेश चौधरी, बीएमओ, बरोठा

परिवार व पड़ौसियों को किया क्वॉरेंटाइन

मुझे बच्ची की मौत की सूचना मंगलवार को ही मिल गई थी। चौकीदार इब्राहिम पठान उस समय गांव में ही ड्यूटी पर थे। बुधवार को दूसरे बच्चे की मौत होने के बाद पूरे परिवार के साथ ही आसपास के घर वालों को भी क्वॉरेंटाइन किया गया है।
सलीम खान, चौकी प्रभारी, डबल चौकी

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