जहाँ हम घर पर बोर हो रहे हैं वहीं मुंबई पुलिसकर्मी घरवालों के साथ वक़्त बिताने के लिए परेशान हैं

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ते ही जा रहे हैं। इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। संकट की इस घड़ी में डॉक्टर्स और पुलिसकर्मी दिन रात अपनी सेवाएं दे रहें हैं। वहीं पुलिसकर्मी व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए रात-दिन लगे हुए हैं।

अब आप इन पुलिस वालों से अगर पूछे कि बाहर दिन-रात तैनात रहने के वाले आखिर क्या करेंगे जब उनको भी 21 दिन तक घर पर रहने को मिल जाए? इसका जवाब खुद पुलिस ने दिया है।

मुंबई पुलिस ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी अपने-अपने प्लान बताते नज़र आ रहे हैं। ये  वीडियो काफी इमोशनल है, इसे देखकर कुछ पल के लिए आपके चेहरे पर मुस्कराहट आएगी लेकिन उनकी स्थिति याद आते ही आपकी आंखें नम हो जाएंगी।

इस वीडियो में ये सब पुलिसवाले यही कह रहे हैं कि अगर उन्हें 21 दिन तक लगातार घर पर रहने का मौका मिलता, तो वो फैमिली के साथ समय बिताते। की जॉब ऐसी है, जिसमें उन्हें परिवार के साथ कम ही वक्त मिल पाता है। कोई मनपसंद किताबें पढ़ना चाहता है, तो कोई ढेर सारी फिल्में देखना चाहता है। कई अपने पालतू जानवरों के साथ खेलना चाहता है, तो कोई बच्चों के साथ। कोई पत्नी के साथ टाइम बिताना चाहता है, तो कोई पति के साथ। कोई खूब सोना चाहता है, तो कोई अच्छा-अच्छा खाना बनाना चाहता है। ये सब चाहते हैं, कर नहीं पा रहे, क्योंकि 21 दिन के लॉकडाउन में ये घर पर नहीं, अपनी ड्यूटी पर हैं।


वहीं मुंबई पुलिस भी अपना घर-बार सबकुछ भूलकर अपनी ड्यूटी निभा रही है और ‘सिंघम’ ने इनकी तारीफ में एक वीडियो पोस्ट करते हुए ट्वीट किया, जिसका उन्होंने काफी मजेदार जवाब भी दिया है।

मुंबई पुलिस ने ट्वीट कर लिखा, ‘डियर ‘सिंघम’ हम वही कर रहे हैं जो ‘खाकी’ को करना चाहिए ताकि स्थितियां सामान्य हो जाएं- ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुंबई।’

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज (FWICE) के लिए अजय देवगन ने 51 लाख रुपये डोनेट किए हैं। बता दें कि FWICE के अंतर्गत सेट बनाने वाले मजदूरों, ड्राइवर्स, स्पॉटबॉयज, मेकअप आर्टिस्ट, जूनियर आर्टिस्ट, स्टंटमैन, लाइटमैन आदि डेली वेज पर काम करते हैं। इस समय लगभग 25 हजार वर्कर्स फिल्म इंडस्ट्री में ऐक्टिव रूप से काम कर रहे हैं लेकिन शूटिंग ठप होने की वजह से वे घर पर बैठे हैं और उन्‍हें खाने की भी दिक्‍कतें हो रही हैं।

वहीं अगर इंदौर के एक वायरल फ़ोटो पर नज़र घुमाएं तो हमें पता चलता है कि कैसे घर पहुंचने के बाद भी अपनों को गले से नहीं लगा पाने का दुःख कैसा होता है।

इस फ़ोटो में पुलिसकर्मी अपनी छोटी सी बेटी जो दरवाजे पर हांथ बांधे खड़ी है उसे एकटक देखता ही रहता है। मानो इसके बाद पता नहीं कब मुलाकात होगी। ये फ़ोटो कुछ दिन पुरानी हैं पर भाव स्थाई हैं। 

निर्मल श्रीवास तुकोगंज के थाना प्रभारी हैं, उनको ड्यूटी से समय मिलते ही खाना खाने घर पहुंचे। घर के बाहर ही खाना बुलवा लिया। बच्ची ने पास आने की जिद की तो उसे समझाया कि अभी दूर रहो कहीं इन्फेक्शन न फैल जाए।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी इस फोटो को ट्वीट कर लिखा- एक पिता होने का फर्ज और देश के बेटे होने का कर्ज इंदौर के निर्मलजी आप और आप जैसे लाखों भारत मां के बेटे-बेटियों को सलाम। इस तस्वीर को पूर्व सीएम कमलनाथ ने भी ट्वीट कर पुलिसकर्मी को सलाम किया है।


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