उज्जैन में अब तक 15 संक्रमित, 5 की मौत, एक हजार से ज्यादा क्वॉरेंटाइन

ब्यूरो | उज्जैन

शहर में दो और कोरोना पॉजीटिव मरीज मिले हैं। इन्हें मिलाकर अब तक 15 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से पांच की मौत हो गई है। पिछले दिनों 65 साल की महिला की मौत हो गई थी। उसकी रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद परिजनों के सेंपल लिए गए थे। इसमें महिला के भाई और भतीजे में भी संक्रमण की पुष्टि हुई। दोनों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिले में अब तक 1008 लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया गया है। इधर, शहर में सब्जी का ठेला लगाने और फेरी लगाकर अन्य सामान बेचने वाले व्यक्तियों को भी पुलिस ने समझाई दी और सख्ती से पेश आए यह फेरी लगाने वाले बिना अनुमति के और बिना मास्क लगाए शहर में घूम रहे थे।

कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बुधवार को दो नए केस सामने आए। 4 अप्रैल को आरपी भार्गव मार्ग निवासी महिला की मौत हुई थी। उसके 61 साल के भाई और 35 साल के भतीजे की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। दोनों को आरडी गार्डी अस्पताल में भर्ती किया गया है। स्वास्थ्य अमले के अनुसार परिवार की ट्रैवल हिस्ट्री मिली है। सलमा और परिवार के लोग इंदौर में अपने रिश्तेदार के यहां 20 मार्च को गमी के कार्यक्रम में गए थे। यहां से लौटने के बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ी थी। इंदौर के जिस परिवार में ये लोग गए थे, वहां भी दो संक्रमित मरीज थे।

शहर में अब तक कोरोना संक्रमण के 15 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 5 की मौत हो चुकी है। शहर के पांच क्षेत्र कंटेनमेंट एरिया में बदले गए हैं। इनमें जांसापुरा, केडी गेट, अंबर कॉलोनी, दानी गेट, कोट मोहल्ला, आरपी भार्गव मार्ग क्षेत्र शामिल हैं। यहां बड़े पैमाने पर सर्वे किया जा रहा है।

साथ ही सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से भी नजर रखी जा रही है। अभी तक कुल 1008 लोगों को होम क्वॉरेंटाइन किया जा चुका है। स्वास्थ्य अमले को कुछ और रिपोर्ट का इंतजार है। कोट मोहल्ला क्षेत्र में अब तक दो अलग-अलग मामले आए हैं। यहां रहने वाली एक 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई है। वहीं, क्षेत्र में ही एक 11 साल का बालक भी संक्रमित पाया गया है। स्वास्थ्य अमले का कहना है कि कुछ दिन पहले वह अपने नाना के यहां गया था। संभवत: यहीं संक्रमण हुआ। हालांकि बालक के माता-पिता की रिपोर्ट नेगेटिव है।

टीआई की हालत स्थिर

शहर के एक थाना प्रभारी भी कोरोना का शिकार हुए हैं। उन्हें इंदौर रोड स्थित अस्पताल में भर्ती किया गया है। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है। पुलिस अधिकारियों ने भी उनसे चर्चा की। थाना प्रभारी के संपर्क में आए दो अधिकारियों को आराम की सलाह दी गई है। वहीं, कुल 9 अफसरों के सेंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

ओपीडी में सैकड़ों मरीजों की जांच

जिला अस्पताल में ओपीडी खुलने से मरीजों को राहत मिली है। करीब 500 मरीज रोजाना ओपीडी में आ रहे हैं। इनमें 300 से अधिक सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित हैं। डॉक्टरों के अनुसार कई मरीज मौसमी बीमारियों से ग्रसित हैं। सर्दी, खांसी और बुखार से घबराने की जरूरत नहीं है। यह मौसमी भी हो सकता है।

प्रायवेट अस्पतालों की भी हो रही मॉनिटरिंग

लॉकडाउन के दौरान कुछ प्रायवेट अस्पताल व नर्सिंग होम को खोलने की अनुमति दी गई है। साथ ही इनकी मॉनीटरिंग भी की जा रही है, ताकि लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें, जिन अस्पतालों को अनुमति दी गई है, उनमें चेरिटेबल, संजीवनी, पुष्पा मिशन, तेजनकर अस्पताल, सहर्ष, निर्मल अस्पताल, चंदेसरा, देशमुख, जेके नर्सिंग होम, सीएचएल अपोलो, जीडी बिड़ला, बीमा अस्पताल, ऑर्थो अस्पताल, पाटीदार अस्पताल, एसएस गुप्ता व इंडस अस्पताल को खोलने की अनुमति दी गई है।

कारोबारियों के करोड़ों अटके, लेबर भी संकट में

शहर के उद्योगपुरी क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। कारखानों के ताले श्रमिकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। एक पखवाड़े से बंद कारखानों के कारण करोड़ों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। कई श्रमिकों को वेतन नहीं मिला है। शहर के आगर रोड, मक्सी रोड तथा नागझिरी में उद्योग फैले हुए हैं। शहर का आर्थिक आधार पॉवरलूम उद्योग माना जाता है। करीब 2500 पॉवरलूम हैं। यहां औसतन 2 लाख मीटर कपड़ा प्रतिदिन बनता है, लेकिन बंद होने से करीब 1500 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।

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