लॉकडाउन की वजह से कहीं गुम ना हो जाये दार्जिलिंग की हरियाली

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कोरोना वायरस के चलते हुए देशव्यापी लॉकडाउन के कारण  हर क्षेत्र में मंदी आ गयी है। इसका असर अब धीरे-धीरे चाय के बागानों तक पहुंच गया है अब यहां की पत्तियां मुरझाने लगी हैं। इस वजह से पहले फ्लश को भारी नुकसान पहुंचा है।

चीन में मुख्य रूप से ग्रीन टी का उत्पादन होता है और काली चाय के लिए श्रीलंका और भारत पर निर्भर है। लेकिन चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ने के बाद वहां भारतीय चाय का निर्यात ठप पड़ गया है। अब ये धीरे-धीरे भारत की अर्थव्यवस्था पर असर डाल रहा है।

केंद्र ने शनिवार को इन बाग़ानों में 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम शुरू करने को कहा है लेकिन राज्य सरकार ने पहले इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके अलावा मज़दूरों में भी कोरोना का आतंक है। गुरुवार को चाय उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद ममता बनर्जी ने इसकी सशर्त अनुमति दे दी।

वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना था, “चाय बाग़ान मालिकों की दलील है कि अगर हरी पत्तियां नहीं चुनी गईं तो वे कुछ दिनों में बेकार हो जाएंगी। इसलिए सरकार ने बारी-बारी से 15 फीसदी मज़दूरों के साथ बाग़ानों में काम शुरू करने की अनुमति दी है. लेकिन वहां सुरक्षा का तमाम उपाय अपनाने होंगे।”


दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र, तराई और उससे सटे डुआर्स के मैदानी क्षेत्र के छोटे-बड़े 353 चाय बाग़ानों में साढ़े तीन लाख स्थायी और अस्थायी मज़दूर काम करते हैं। उनको रोजाना 176 रुपए की मज़दूरी के अलावा साप्ताहिक राशन दिया जाता है लेकिन पर्वतीय क्षेत्र के बागानों को इस लॉकडाउन से सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है।

पर्वतीय क्षेत्र के बागान मालिकों के संगठन दार्जिलिंग टी एसोसिएशन (डीटीए) के अध्यक्ष बिनोद मोहन ने बीबीसी को बताया, “हम राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करेंगे। मजदूरों और उनकी सुरक्षा का मुद्दा हमारी पहली प्राथमिकता है।”

वहीं डीटीए के पूर्व अध्यक्ष अशोक लोहिया कहते हैं,”पहले फ्लश की चाय का लगभग सौ फीसदी निर्यात होता है। इस किस्म की चाय के उत्पादन में नुकसान से बाग़ानों के सालाना राजस्व पर प्रतिकूल असर पड़ना तय है।”

पड़ोसी देश को चाय निर्यात करने वाली प्रमुख कंपनी एशियन टी के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहित अग्रवाल ने बताया था कि चीन को पिछली खेप 25 जनवरी से शुरू हुए चाइनीज न्यू ईयर हॉलीडे से पहले भेजी गई गई थी। कोरोना वायरस फैलने की खबर आने के बाद चीन को निर्यात बंद है।

उन्होंने कहा था कि शिपमेंट कब शुरू होगा इसका हमें नहीं अंदाजा नहीं है। हमने सुना है कि 1 मार्च के बाद स्थिति की समीक्षा होगी। हम चीनी खरीदारों से अपडेट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। मार्च से पहले हफ्ते में नई चाय बाजार में आने लगेगी, इससे कीमतों में नरमी आ सकती है।


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