बिहार के इस गांव को नहीं है कोरोना का डर क्योंकि चमगादड़ यहां के ग्राम देवता हैं

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

दुनियाभर में चमगादड़ों को अशुभ मानते हैं। भारत की बात करें तो यहाँ इन्हें निशाचर की श्रेणी में रखा गया है। केरल में कुछ समय पहले चमगादड़ों से निपाह वायरस फैला था, जिससे कई लोगों की मौत हो गई थी। इस समय कोरोना वायरस के फैलने की वजह भी चमगादड़ को माना जा रहा है। 

इस वक़्त चमगादड़ का अपने आस पास पाया जाना भी खतरे से खाली नहीं है ऐसे वक्त में भारत में कुछ ऐसे गांव हैं जहां चमगादड़ की पूजा होती है। यहाँ लोग चमगादड़ पालते हैं तथा उनको पूजते हैं। उनका मानना है कोरोना उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि उनके देवता चमगादड़ हैं।

बिहार की राजधानी पटना और मुजफ्फरपुर के बीच में वैशाली जिला आता है जहां के राजापाकड़ प्रखंड के सरसई गांव में हजारों की संख्या में चमगादड़ों का बसेरा है। 

यहां एक ऐसा मंदिर हैं जहां लोग चमगादड़ों की पूजा करते हैं और इन्हें ग्राम देवता के रूप में मानते हैं। यहां के निवासी चमगादड़ों को संपन्नता का प्रतीक मानते हैं। यहां के लोगों का मानना है कि जहां चमगादड़ निवास करते हैं, वहां कभी भी धन की कमी नहीं होती है।

यहां के बुजुर्गों का कहना है कि जबसे उन्होंने होश संभाला है, तब से उन्होंने गांव में चमगादड़ों के बसेरे को देखा है। बुजुर्गों ने बताया कि एकबार मध्यकाल में वैशाली जिले में एक महामारी फैली थी। इस दौरान कहीं से आकर ये चमगादड़ यहां इकट्ठा हुए और फिर यहीं रह गए। तबसे लेकर अब तक इन चमगादड़ों ने गांव को हर तरह की महामारी से बचाया है।

वहीं बिहार में ही एक और गांव है जहाँ चमगादड़ पूजे जाते हैं।बिहार के सुपौल जिला जहां त्रिवेणीगंज प्रखंड में बसे लाहर्निया गांव में सैकड़ों एकड़ में बसे चमगादड़ों का यहां के लोग संरक्षण कर रहे हैं। करीब लाखों की संख्या में बसे इन चमगादड़ो को यहां के लोग दैवीय रूप मानते है। गांव के लोग कहते हैं उन्हें इस चमगादड़ से कोरोना होने का तनिक भी भय नही सताता है।

जिला प्रशासन ने भी इस रिपोर्ट के आने के बाद पशुपालन और स्वास्थ्य महकमे को सजग कर दिया है। सुपौल के डीएम महेंद्र कुमार बताते हैं कि अब तक चमगादड़ों से इंसान के शरीर में किसी तरह से कोविड का असर होता है इसकी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन जिला प्रशासन वहां के लोगो को इस समस्या के लिए जागरूक करेगी और अगर किसी में कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल एक तरफ जहां कोरोना जैसी महामारी ने लोगों को जहां संकट में डाल रखा है लेकिन बिहार के इस गांव में लोग बेखौफ होकर न केवल इनको पाल रहे हैं बल्कि इनकी पूजा भी कर रहे हैं।

खबर इनपुट- न्यूज़18Attachments



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