अब पाकिस्तान ने निगरानी सूची से मुंबई हमले के मास्टरमाइंड सहित हज़ारों आतंकवादियों का नाम हटाया

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। 

दुनिया जहां इस समय कोरोना वायरस से लड़ने में व्यस्त है। वहीं पाकिस्तान ने अलग हलचल मचा रखी है। इस वक़्त पाकिस्तान की इस हरकत पर समझ नहीं आ रहा कि कैसे रियेक्ट किया जाए। इस बार पाकिस्तान ने लिस्ट से मुंबई हमले के मास्टरमाइंड के नाम सहित और भी आतंकवादियों के नाम हटा दिए हैं।

लगभग 4000 आतंकवादियों का नाम इस लिस्ट से हटाया

दुनियाभर में आतंकवादी गतिविधियों को फंड किए जाने पर नज़र रखने वाली संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) ने एक रिपोर्ट जारी किया है। जिसमें ये दिखाया गया है कि पाकिस्‍तान ने पिछले 18 महीने में निगरानी सूची से हजारों आतंकवादियों के नाम को हटा दिया है। पाकिस्‍तान ने यह हरकत ऐसे समय पर की है जब जून महीने में एफएटीएफ की बैठक होने वाली है।

पाकिस्तान ने अपनी निगरानी सूची से मुंबई में वर्ष 2008 में हुए आतंकवादी हमलों के मास्टरमाइंड और आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा के आपरेशन कमांडर ज़की-उर-रहमान लखवी का नाम भी हटा दिया है।

कंपनी के अनुसार पाकिस्तान ने सूची से जिन लोगों के नाम हटाए हैं उनमें कई अमेरिकी या संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में सूचीबद्ध आतंकवादियों के उपनाम जैसे लगते हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार पाकिस्तान ने सूची से आतंकियों के नाम हटाने को लेकर कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।

नाम तो हटा दिया लेकिन कारण नहीं बता पाए

इतने बड़े पैमाने पर नामों को हटाने के बाद भी इमरान खान सरकार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से इसका कोई कारण नहीं बताया है। हालांकि एक पाकिस्‍तानी अधिकारी ने कहा कि ऐसा कि यह देश के आतंकवाद निरोधी प्रयासों को मजबूती देने वादे को पूरा करने के लिए चल रहे अभियान का हिस्‍सा है। अमेरिकी सरकार में पूर्व पॉलिसी अडवाइजर रह चुके पीटर पैटेटस्‍की ने कहा कि जितनी बड़ी तादाद में और जितनी तेजी से नामों को हटाया गया है, यह असामान्‍य है।

क्या कहती है रिपोर्ट

न्यूयार्क से संचालित होने वाली नियामक तकनीकी कंपनी कैस्टेलम एआई के मुताबिक, वर्ष 2018 की सूची में लगभग 7,600 नाम थे। पिछले 18 महीनों में इस सूची में अब घटकर 3,800 नाम रह गए हैं। कैस्टेलम द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 1,800 नाम तो मार्च, 2020 की शुरुआत से ही हटाए गए हैं।

एफएटीएफ जून 2020 में पाकिस्तान की प्रगति का आकलन करेगा। वर्तमान में वह ग्रे सूची में है। यदि वह आतंकियों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई करने में असफल रहता है तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा। जिसका उसकी चरमराती अर्थव्यवस्था पर बहुत असर पड़ेगा।

Next Post

मेडागास्कर के राष्ट्रपति ने दावा किया कि इस हर्बल-टी से खत्म होगा कोरोना वायरस

Tue Apr 21 , 2020
नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। दुनियाभर में कई वैज्ञानिक कभी ब्लड प्लाज्मा तो कभी बीसीजी के वैक्सीन में कोरोना का इलाज ढूंढ रहे हैं लेकिन उन्हें अब तक इस कोशिश का कोई सफल नतीजा नहीं मिला है। वहीं, अब मेडागास्कर के राष्ट्रपति एंड्री राजोएलिना ने आधिकारिक रूप से इसका हर्बल इलाज लॉन्च […]