इंडोनेशिया में लॉकडाउन तोड़ने पर भुतहा घर में कर दिया जाएगा कैद

जकार्ता

लॉकडाउन तोड़ने की निराली सजा

इंडोनेशिया में भी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र लॉकडाउन लागू है साथ ही संक्रमित लोगों के साथ पाए गए लोगों को सेल्फ आइसोलेशन या क्वारंटीन में रहने के लिए कहा गया है। हालांकि लोग लगातार नियमों की अनदेखी कर रहे हैं जिससे अन्य लोगों को भी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे लोगों से परेशान होकर स्थानीय नेताओं ने एक निराली सजा का ऐलान कर दिया है जो इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। इंडोनेशिया के स्राजेन इलाके के रीजेंसी हेड कुश्दीनार उतुंग यूनी सुकोवाती ने बताया कि लॉकडाउन तोड़ने वालों के लिए उन्होंने इस अनोखी सजा का ऐलान किया है।

सुकोवती के मुताबिक लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों में अधिकतर युवा हैं जो नियमों का पालन न करने को फैशन मानते हैं। उन्होंने बताया कि जावा आइलैंड में काफी ज्यादा जनसंख्या घनत्व है और यहां कोरोना मरीजों में आए लोगों से कम से कम 14 दिन तक आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया है। सुकोवाती के मुताबिक कई चेतावनी देने के बावजूद भी लोग लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे थे ऐसे में हमने तय किया कि इलाके में खाली पड़े घर जिन्हें ‘भुतहा’ माना जाता है उन्हें इस्तेमाल किया जाएगा। इंडोनेशिया में भूत-प्रेत और सुपरनेचुरल शक्तियों की काफी मान्यता है और लोग न सिर्फ इनसे जुड़ी कहानियों पर भरोसा करते हैं बल्कि इनसे डरते भी हैं. ऐसे ही घरों को जेल में तब्दील किया गया है और लॉकडाउन तोड़ने वाले 5 लोगों को इनमें रखा गया है।

सुकोवाती ने बताया कि इलाके के सभी गांवों को कहा गया है कि नियम नहीं मानने वालों को ऐसे घरों में बंद कर दिया जाए। इलाके के सेपट गांव के लोगों ने ऐसे ही एक घर को चारों तरफ परदे और पलंग लगाकर जेल में तब्दील कर दिया है। इस जेल में तीन लोगों को रखा गया है। इन तीनों को 14 दिन तक आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया था।

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