डब्ल्यूएचओ ने कहा, यूरोप में आधी मौतें केयर होम्स में हुईं

लंदन

दुनिया में कोरोना… सबसे ज्यादा बुजुर्गों ने यूरोप में दम तोड़ा, सबसे ज्यादा मौतें इटली में हुईं

दुनिया के सभी देशों खासकर यूरोप और अमेरिका में बीते कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण की रफ्तार थोड़ी कम जरूर हुई है लेकिन ये महामारी थमती नजर नहीं आ रही है। शुक्रवार को भी दुनिया भर में संक्रमण के 85,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद कुल मामले बढ़कर 2,763,080 से भी ज्यादा हो गए हैं। मौतों के मामले में इटली, स्पेन और फ्रांस में गति धीमी पड़ी है लेकिन अमेरिका में लगातार औसत 2000 मौतें हर दिन हो रही हैं। गुरूवार को भी दुनिया भर में संक्रमण से 6600 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जिससे कुल मौतों का आंकड़ा बढ़कर अब 193,665 से भी ज्यादा हो गया है।

करीब 18,00,000 लोगों का अभी भी अस्पतालों में इलाज चल रहा है जिनमें से 58,000 से ज्यादा की हालत चिंताजनक बनी हुई है। हर दिन लगातार बढ़ते मौत के आंकड़ों के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक नया खुलासा किया है कि यूरोप में मरने वाले सबसे ज्यादा लोग वो हैं जो केयर होम्स में थे। रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा बुजुर्गों ने यूरोप में दम तोड़ा। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक इटली, फ्रांस, ब्रिटेन, आयरलैंड,बेल्ज़ियम और स्पेन जैसे देशों में केयर होम्स में रह रहे बुजुर्गों की सबसे ज्यादा जानें गईं। कोरोना महामारी से अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा यूरोप में मौतें हुई हैं। यूरोप में सबसे ज्यादा इटली में मौतें हुई हैं। इटली में 25549, दूसरे नंबर पर मौजूद स्पेन में 22524, फ्रांस में 21856 और ब्रिटेन में 18738 लोगों की जान गई है। इसके बाद बेल्ज़ियम, जर्मनी और दूसरे देशों में भी केयर होम्स में मौत के ज्यादा मामले सामने आए।

ट्रायल में फेल हुआ रेमडेसिवयर

कोरोना वायरस के संक्रमण में एक प्रभावी एंटी वायरल ड्रग के फेल होने की खबर है। यह पहले ही रैंडम क्लिनिकल ट्रायल में फेल हो गई। इसे लेकर दुनिया भर में उम्मीद थी। इस एंटी वायरल ड्रग का नाम रेमडेसिवयर है। चीनी ट्रायल में यह ड्रग नाकाम रही। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइज़ेशन के दस्तावेजों के इसकी जानकारी मिली है। कुल 237 मरीज़ों में से कुछ को वो ड्रग दी गई और कुछ को प्लेसीबो। एक महीने बाद ड्रग लेने वाले 13.9% मरीज़ों की मौत हो गई जबकि इसकी तुलना में प्लेसीबो लेने वाले 12.8% मरीज़ों की मौत हुई। साइड इफेक्ट के कारण ट्रायल को पहले ही रोक दिया गया।

ट्रंप ने कीटाणुनाशक इंजेक्शन से कोरोना के इलाज की दी सलाह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर एक हैरान करने वाला बयान दिया है। ट्रंप ने सलाह दी है कि इस पर अध्यययन किया जाना चाहिए कि क्या कीटाणुनाशकों को शरीर में इंजेक्ट करने से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है। उन्होंने यह भी प्रस्ताव दिया कि क्या मरीजों के शरीर में अल्ट्रावॉयलेट लाइट इरेडिएट करके इस जानलेवा वायरस को खत्मत किया जा सकता है।

राष्ट्रपति के बयान के बाद अमेरिकी स्वस्थ विशेषज्ञों को आगे आना पड़ा… विशेषज्ञों ने लोगों से कहा कि ऐसे ‘खतरनाक’ सुझाव पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। दरअसल, विज्ञान और प्रौद्योगिकी निदेशालय के कार्यकारी प्रमुख विलियम ब्रायन अपने विभाग के एक वैज्ञानिक अध्ययन जारी कर रहे थे। स्टैडी का नतीजा पेश करते हुए ब्रायन ने कहा कि सूर्य की रोशनी और आर्द्रता के चलते कोरोनो वायरस तेजी से खत्मा होने लगता है। यहीं आइसो प्रोपिल एल्कोहल भी कोरोना को 30 सेकेंड में खत्म कर देती है।

डब्ल्यूएचओ में बदलावों के समर्थन में ऑस्ट्रेलियाई पीएम

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विश्व स्वास्थ्य संगठन में बदलाव के लिए समान सोच वाले देशों के साथ सहयोग करेगी। ऑस्ट्रेलिया, इस बात को लेकर अमेरिका के साथ सहमत है कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसी की जरूरतों की समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है लेकिन ऑस्ट्रेलिया प्रशांत क्षेत्र में एजेंसी के बहुमूल्य कार्य को समर्थन देना जारी रखेगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन से डब्ल्यूएचओ को दी जाने वाली सहायता पर रोक लगा दिया है।

श्रीलंका की मदद करेगा भारत, 40 करोड़ डॉलर का होगा करार

कोरोना वायरस से लड़ाई में भारत विश्व में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। दुनिया के कई देशों को हाइड्रोक्सोक्लोरोक्वीन मुहैया कराई तो अब श्रीलंका को आर्थिक संजीवनी दे रहा है। दरअसल, श्रीलंका की अर्थव्यवस्था पर कोरोना की ज़बरदस्त मार पड़ी है। राहत उपायों के बीच तेज़ी से गिरते विदेशी मुद्रा भण्डार को संभालने के लिए अब भारत मदद को आगे आया है। श्रीलंका के साथ रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया 40 करोड़ डॉलर की मुद्रा अदला बदली का करार कर रही है।

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