अश्विन ने कहा आईपीएल 2010 के सबक मेरे लिए एक तमाचे की तरह था

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।  

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद भारत के शीर्ष आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को पता चल गया था कि टी-20 में गेंदबाजी करना आसान नहीं होता है। इस वास्तविकता ने उन्हें एक दशक पहले कड़ा सबक सिखाया था। 

क्रिकेटर से कमेंटेटर बने संजय मांजरेकर के साथ ईएसपीएनक्रिकइन्फो के लिये पोडकास्ट इंटरव्यू में अश्विन ने बताया कि चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) की तरफ से खेलते हुए आईपीएल 2010 ने उन्हें किस तरह से प्रभावित किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की मुश्किल परिस्थितियों में खेलने पर बात की और बताया कि आखिर उनके स्पिन जोड़ीदार रविंद्र जडेजा ‘क्यों नैसर्गिक खिलाड़ी’ हैं। 

अश्विन को अपने खराब प्रदर्शन का एहसास हुआ

अश्विन ने आईपीएल 2010 को याद करते हुए बताया कि जब दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें सीएसके की टीम से बाहर कर दिया गया। तब उनको एहसास हुआ उनका प्रदर्शन वाकई बहुत बुरा रहा है।

अश्विन ने कहा, ‘लोग सोचते थे कि मैं खुद को बहुत अच्छा गेंदबाज मानता हूं लेकिन जब आईपीएल में खेलता हूं तो इस तरह से बुरा प्रदर्शन करता हूं। यह एक तमाचे की तरह था जैसे कोई बोल रहा हो कि तुम यहां के लायक भी नहीं हो।’

उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैं सोचता था कि फर्स्ट क्लास मैचों की तुलना में टी20 मैच में गेंदबाजी करना आसान होता है।’’ यह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर के खिलाफ मैच था जिसमें रोबिन उथप्पा और मार्क बाउचर ने उनकी गेंदों की जमकर धुनाई की थी। 

अश्विन को भाता है जडेजा का परफॉर्मेंस

जडेजा के फिटनेस के बारे में बताते हुए कहा, ”अगर मैं दिन में दो बार भी अभ्यास करता हूं और फिर अच्छी कैलोरी वाला भोजन करता हूं तो मेरी फिटनेस गड़बड़ा जाएगी। कुछ लोगों को ईश्वर का आशीर्वाद होता है। मुझे इस मामले में रविंद्र जडेजा से तुलना करना पसंद है। उसे ईश्वर का आशीर्वाद है, वह शारीरिक तौर पर बेहद फिट खिलाड़ी है। जडेजा नैचुरल क्रिकेटर, नैचुरल गेंदबाज, नैचुरल बल्लेबाज है।”

वो दिन जब खराब प्रदर्शन के कारण घर बैठना पड़ा था

ये वे दिन थे जब आईपीएल फ्रैंचाइजी घरेलू मैचों के दौरान होटल की लागत बचाने के लिए केवल शीर्ष 18 खिलाड़ियों को ही टीम में रखते थे। अश्विन को भी घर में बैठकर सीएसके के मैच देखने पड़े थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे बाहर कर दिया गया। मुझे होटल छोड़ना पड़ा और मैं घर में बैठ गया। मुझे लगा कि मैं इससे बेहतर का हकदार था क्योंकि मैं वेस्ट इंडीज में होने वाले विश्व टी20 के 30 संभावित खिलाड़ियों (अश्विन तब भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए थे) में शामिल था।

सकलैन मुश्ताक के सवाल

वहीं पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज सकलैन मुश्ताक ने कहा कि वह इस बात को समझने में नाकाम हैं कि खुद को साबित कर चुके रविचंद्रन अश्विन जैसे खिलाड़ी को भारत के सीमित ओवरों की टीम से क्यों बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि टेस्ट में सफलता हासिल करने वाला गेंदबाज सीमित ओवरों के क्रिकेट में भी सफल रहता है।

आईपीएल में नियमित रूप से खेलने वाले अश्विन को जुलाई 2017 के बाद से सीमित ओवरों की भारतीय टीम से बाहर रखा गया है। रवींद्र जडेजा के साथ भी यही स्थिति थी, लेकिन वह अपनी हरफनमौला काबिलियत से तीनों प्रारूपों में खेल रहे हैं।

सकलैन ने कहा, ‘जिसे यह पता हो कि पांच दिवसीय मैच को बल्लेबाज को कैसे आउट करना है उसके लिए सीमित ओवरों के क्रिकेट में यह आसान काम है। रन रोकने का काम कोई भी कर सकता है, लेकिन जो विकेट लेना जानता है वह रनों पर अंकुश भी लगा सकता है। अश्विन को दोनों आता है। आप उसे टीम से बाहर कैसे रख सकते हैं? आपको अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का समर्थन करना होगा।’


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