शहर में हर रोज औसतन 39 कोरोना पॉजिटिव मरीज और 2 मौतें हो रहीं

संतोष शितोले | इंदौर

2 हजार तक पहुंच सकती है पॉजिटिव मरीजों की संख्या

शहर में कोरोना संक्रमण को फैले एक महीने से ज्यादा हो गया है। पहली बार 5 पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद अधिकतम 165 पॉजिटिव की संख्या रही। इस बीच इनमें उतार-चढ़ाव चलता रहा। कभी 40, कभी 54, कभी 50 और बुधवार को 94 पॉजिटिव रहे। इस तरह अब तक पॉजिटिव का संख्या 1466 है जो गुरुवार तक 1500 से ज्यादा होना संभव है। मामले में वरिष्ठ अधिकारियों का अलग-अलग आकलन है। एक ओर बैकलॉग खत्म होने का दावा किया जा रहा है तो दूसरी पांडेचेरी और अहमदाबाद के बाकी सेम्पलों की रिपोर्ट आना बाकी है। औसतन हर रोज 39 मरीज पॉजिटिव आ रहे हैं और 15 मई तक पॉजिटिव की संख्या 2 हजार से ज्यादा तक पहुंचने का अनुमान है।

पहले चीन, फिर इटली, फिर 31 देश और इसके बाद भारत सहित दुनियाभर में फैले खतरनाक कोरोना वायरस ने इंदौर को कुछ दिनों में हॉट स्पॉट की श्रेणी में ला दिया। इंदौर में पहली बार 24 मार्च को 5 पॉजिटिव मिले और 25 मार्च से कर्फ्यू लगा दिया जो 37 दिनों से जारी है। इसके बाद तो तेजी से पॉजिटिव की संख्या में इजाफा होता गया। रोजाना एमजीएम व अन्य लैब में 400-600 सेम्पल टेस्ट किए जा रहे हैं। अधिकारी दावा कर रहे हैं कि नए मरीजों में 15 फीसदी ही पॉजिटिव आ रहे हैं।

लॉकडाउन तोड़ा, सोशल डिस्टेंस नहीं रखा वहां बढ़े मरीज

  1. 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और 24 मार्च को लॉक डाउन में शहर के कुछ हिस्सों में शरारती तत्वों ने मखौल उड़ा संक्रमण को हल्के में लिया।
  2. 25 मार्च से कर्फ्यू जारी होने के साथ उसमें सुबह 8 से 1 बजे तक किराना, दूध, दवाइयों आदि के लिए छूट दी गई। लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया। इससे भी संक्रमण फैला।
  3. 30 मार्च तक (6 दिन) तक ऐसा ही चलता रहा। 30 मार्च के बाद कलेक्टर मनीषसिंह ने कमान संभाली और तेजी से कसावट आई।
  4. कई हिस्सों में लोगों ने खुद के संक्रमित होने की बात छिपाई। मेडिकल टीम को सहयोग करने के मारपीट व पथराव किया।
  5. इस बीच एक से दो, दो से तीन और इस तरह संक्रमितों की संख्या बढ़ती गई। निजी अस्पतालों द्वारा सहयोग नहीं करना भी एक कारण रहा।

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