जिस आईएएस अधिकारी ने मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी करवाई थी,उसने तबलीगी जमात के बारे में ये कहा

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।  

जब सरकारें कोरोना के खिलाफ जंग में समाज के सभी वर्गों को एकजुट करने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में एक आईएएस अधिकारी ने तबलीगी जमात के सदस्यों को लेकर विवादित ट्वीट किया है। अब सरकार से लेकर आम जनता भी इस ट्वीट का जवाब मांग रहे हैं कि ऐसा क्यों लिखा है?

ट्वीट पर इतना बवाल मचा कि नोटिस मिल गया

अब राज्य सरकार का कारण बताओ नोटिस जारी किया है।  राज्य सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उन्‍होंने पांच दिनों के भीतर जवाब नहीं दिए तो अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम-1969 के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साल 1996 के आईएएस बैच के अधिकारी मोहसिन के इस ट्वीट पर काफी बवाल मचा और लोगों ने कहा कि एक वरिष्‍ठ अधिकारी को इस तरह का विवादित ट्वीट नहीं करना चाहिए था।

नोटिस में सरकार ने कहा, “इस ट्वीट को मीडिया में मिले निगेटिव कमेंट्स का सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। कोरोना वायरस गंभीर मामला है और इससे निपटने के लिए संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।”

मोहसिन मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। वे फिलहाल कर्नाटक सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में सचिव पद पर तैनात हैं।

नोटिस मिलने के बाद मोहसिन का क्या रिएक्शन है

नोटिस मिलने के बाद आईएएस अधिकारी मोहसिन ने शनिवार को कहा, “हां, मुझे नोटिस मिला है और मैं जल्द ही नियमों के तहत इसका जवाब दूंगा। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि मैंने केवल एक निजी न्यूज चैनल की खबर शेयर की थी। मुझे नहीं पता है कि इस ट्वीट पर इतना हंगामा क्यों मचा हुआ है।” जब उनसे इस हंगामे के पीछे किसी साजिश की संभावना के बारे में पूछा गया तो मोहसिन ने महज इतना कहा, आप हर समय सभी को खुश नहीं कर सकते।

ट्वीट में ऐसा क्या लिखा था

मोहम्मद मोहसिन ने इस नई पोस्ट में तबलीदी जमात के सदस्यों की तारीफ की है जो कोरोना वायरस के करीब 1500 केसों से जुड़े हैं।

उन्होंने कहा, तबलीगी जमात से जुड़े लोग जो अब कोरोना बीमारी से ठीक हो चुके हैं अब प्लाज्मा दान कर रहे हैं। ये सभी हीरो हैं लेकिन इनके योगदान की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा, 300 से ज्यादा जमाती प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं। लेकिन मीडिया क्या कर रही है? वे इस मानवता के काम नहीं दिखाएंगे जो ये हीरो कर रहे हैं। मोहम्मद मोहसिन ने ये ट्वीट 27 अप्रैल को किया था।

इससे पहले भी की है ऐसी हरकत

यह पहली बार नहीं है, जब आईएएस मोहसिन किसी विवाद में फंसे हैं। पिछले साल अप्रैल में उन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान ओडिशा में चुनावी सभा के लिए पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी कराने के लिए निलंबित कर दिया गया था। पोल ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात मोहसिन को चुनाव आयोग ने निलंबित किया था।

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