मजदूरों पर हो रहे अन्याय को रोकने के लिए अमित शाह ने ममता दीदी को एक चिट्ठी लिखी है

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। 

इस लॉक डाउन में काफी चिट्ठियां लिखी गयी। इस पर सारी पार्टियों ने अपने अपने मत भी जाहिर किये। इसी क्रम में अब एक और चिट्ठी लिखी गयी है। इस बार प्रवासी मजदूरों को लेकर शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। जिसे लेकर अब सियायत गरमा गई है। 

गृह मंत्री शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे पत्र में कहा, ‘प्रवासियों को घर पहुंचने में मदद करने के लिए राज्य सरकार का सहयोग नहीं मिल रहा है। बंगाल सरकार राज्य में प्रवासियों को ट्रेन तक नहीं पहुंचने दे रही है। पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ट्रेनों को पश्चिम बंगाल पहुंचने की अनुमति नहीं दे रही है। यह पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों के साथ अन्याय है। यह उनके लिए और दिक्कतें खड़ी करेगा।’

वहीं, इस पत्र को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार किया है। तृणमूल कांग्रेस के अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अमित शाह ट्रेन न आने देने का आरोप साबित करें या फिर माफ़ी मांगें। टीएमसी नेता ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह हफ्तों तक चुप्पी साधे रखने के बाद केवल झूठ से लोगों को गुमराह करने के लिए बोलते हैं।

अभिषेक ने ट्वीट किया, ‘एक गृह मंत्री जो इस संकट काल में अपना काम करने में नाकाम रहा, वह अब हफ्तों की चुप्पी के बाद झूठ बोलकर सिर्फ लोगों को गुमराह करने के लिए बोल रहा है। विडंबना है कि वह ऐसे लोगों के बारे में बात कर रहे है जिन्हें उन्हीं की सरकार ने उनकी किस्मत के भरोसे छोड़ दिया। अमित शाह, आप अपने झूठे आरोप साबित करें या माफी मांगें।’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मैंने एक दिन पहले गृह मंत्री से बात की थी। उन्होंने मुझे बताया था कि वह लगातार बंगाल सरकार से पूछ रहे हैं कि उन्हें प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए कितनीं ट्रेनों की जरूरत हैं लेकिन दो दिन पहले तक सरकार ने लिस्ट नहीं भेजी थी।

पश्चिम बंगाल सरकार आलोचना का सामना करने के बाद कोरोनोवायरस लॉकडाउन के कारण राज्य में लौटने की इच्छा रखने वाले प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के लिए आठ विशेष ट्रेनों को चलाने की अनुमति दी। सरकार ने यह फैसला गृह मंत्री अमित शाह की चिट्ठी के बाद लिया।

कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखे जाने के बाद शनिवार को कहा कि शाह को ऐसा ही पत्र कर्नाटक और गुजरात के मुख्यमंत्रियों को भी लिखना चाहिए क्योंकि उनकी सरकारें मजदूरों को घर जाने से रोक रही हैं। पार्टी प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने यह भी कहा कि केंद्र अथवा किसी भी राज्य सरकार को संकट के इस समय राजनीति नहीं करनी चाहिए तथा मजदूरों की मदद के लिए रणनीति बनाने पर जोर देना चाहिए।

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