इस बेकरी ने मुस्लिमों को लेकर विज्ञापन में ऐसा क्या लिखवा दिया कि मालिक को जेल हो गयी

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।  

चेन्नई में एक बेकरी मालिक को विवादित विज्ञापन देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने मुसलमानों के खिलाफ एक विज्ञापन छपवाया है। जो धर्म विरोधक होने के साथ साथ भड़काऊ भी है।

सांप्रदायिकता फैलाने वाले बयान और फ़ेक न्यूज़ चलाने का खेल रुक नही रहा बल्कि प्रतिदिन और तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे देश में कोरोना मुसलमानों ने ही फैलाया है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल जैन बेकरी की ये दुकान चेन्नई के टी. नगर में महालक्ष्मी स्ट्रीट पर है। आरोप है कि इसने अपनी बेकरी के विज्ञापन के लिए पर्चियां छपवाई। जिसमें उसने दावा किया कि उनके यहां की बेकरी मुसलमानों द्वारा नहीं बनाए जाते हैं। विज्ञापन पर लिखा था, “जैनियों द्वारा बनाया गया है, कोई मुस्लिम स्टाफ ने इसे नहीं बनाया है।”

व्हाट्सएप पर मालिक ने डाला विज्ञापन

बेकरी के मालिक 32 साल के प्रशांत को मम्बालम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रशांत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 295 A और 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिसिया तफ्तीश में यह भी पता चला है कि प्रशांत ने ही इस विज्ञापन को व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर किया था जिसके बाद यह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ था।


बेकरी मालिक को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस विज्ञापन को प्रचारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह विज्ञापन कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मिला।

बेकरी ने अपनी सफाई में क्या कहा

इतना सब कुछ होने के बाद बेकरी की तरफ से सफाई दी गई। बेकरी के स्टाफ ने कहा कि विज्ञापन के पीछे सांप्रदायिक दंगा फैलाने की मंशा नहीं थी। बेकरी की तरफ से कहा गया कि ऐसा विज्ञापन इसलिए छपवाया गया क्योंकि इस बेकरी के बारे में लोग ये अफवाह फैला रहे थे कि यहां सामान न खरीदें क्योंकि यहां इसे मुस्लिम तैयार करते हैं। बेकरी स्टाफ की ओर से ये भी बताया गया कि कई लोगों ने उनके पास कॉल भी किया और ये पूछा कि क्या उनके यहां कोई मुसलमान काम करता है। 

पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं

हाल ही में उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित वेलेंटिस कैं’सर अस्पताल ने अखबार में एक विज्ञापन छपवाया था इस विज्ञापन में लिखा गया था कि जो भी कैंसर के मुस्लिम मरीज अस्पताल न आएं उनसे अनुरोध है कि वो अपना और अपने तीमारदारों का कोरोना टेस्ट कराएं और रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही अस्पताल आएं।

अस्पताल के इस विज्ञापन को देखने के बाद कई लोगों ने इसपर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी आपत्तियों को देखते हुए बाद में अस्पताल ने उसी अखबार में अपनी तरफ से स्पष्टीकरण दिया और फिर इस विज्ञापन को हटाया गया और माफ़ी मांगी।

इससे पहले भी इसी तरह का एक मामला झारखंड के जमशेदपुर से सामने आया था। पुलिस ने कुछ ऐसे फल दुकानदारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे, जिन्होंने ‘विश्व हिंदू परिषद् द्वारा अनुमोदित फल दुकान’ के बैनर लगाए थे। जमशेदपुर पुलिस का कहना था कि दुकानदारों पर ‘हिंदू’ शब्द लिखने के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं, क्योंकि यह सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की एक कोशिश है।

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