“अगर मुसलमान अरब देशों से शिकायत कर देगा तो सैलाब आ जाएगा” कहने वाले जफरूल को हटाया जाएगा अध्यक्ष पद से

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।  

विवादित सोशल मीडिया पोस्ट के चलते ज़फरुल इस्लाम को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद से जाने की प्रकिया शुरू हो चुकी है। उनको हटाने की मांग एक भड़काऊ पोस्ट के बाद किया जाने लगा था।

पद से हटाने के लिए शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया

सरकार ने हाई कोर्ट में दावा किया गया कि जफरूल इस्लाम खान को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस दावे के बाद हाई कोर्ट ने उस याचिका का निपटारा कर दिया जिसमें खान के कथित राजद्रोही पोस्ट के लिए उन्हें इस पद से हटाए जाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। 

दिल्ली हाईकोर्ट जफरूल इस्लाम को पद से हटाए जाने को लेकर वकील अनुपम श्रीवास्तव ने याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि ज़फरुल इस्लाम का बयान देश की एकता, सम्प्रुभता के खिलाफ है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश की बदनामी हुई है. देशद्रोह का मामला दर्ज होने के बावजूद वो उन्हें उनके पद से हटाया नहीं गया है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई सुनवाई

इनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने खुलासा किया कि उन्हें पद से हटाए जाने की प्रकिया शुरू हो गई है और इसी क्रम में नियमों के मुताबिक कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

दिल्ली उच्च न्यायलय के जस्टिस राजीव सहाय ऐंडलॉ और जस्टिस संगीता धींगड़ा सहगल की पीठ ने इस मामले की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई की।

याचिकाकर्ता सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी हैं

याचिकाकर्ता सुभाष चंद्रा सेवानिवृत बैंक अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि 2 मई को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजद्रोह एवं धर्म, नस्ल, जन्मस्थान, निवास और भाषा के आधार पर विभिन्न समुदायों के बीच घृणा फैलाने के आरोप में जफरूल के खिलाफ भारतीय दंड संहित के सेक्शन 124A और 153A के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

लैपटॉप भी हो चुका है जब्त

वहीं बीते दिन सुभाष के शिकायत दर्ज कराने पर जफ़र का लैपटॉप भी जब्त कर लिया गया था। इस पर जफर ने कहा था, “मुझे ट्विटर और फेसबुक पोस्ट करने में इस्तेमाल किये गए लैपटॉप को जमा करने के लिए शनिवार को दिल्ली पुलिस का नोटिस मिला। मैंने आज अपना लैपटॉप पुलिस को सौंप दिया. लेकिन, मैंने लिखित रूप से कहा है कि मैं दबाव में यह सब कर रहा हूं, क्योंकि लैपटॉप में ट्वीट या सोशल मीडिया पोस्ट का कोई रिकॉर्ड नहीं है और यह केवल ऑनलाइन है। इसके अलावा, मुझे समझ में नहीं आया कि उन्होंने मेरा लैपटॉप क्यों मांगा, क्योंकि मैंने स्वीकार किया है कि मैंने ट्वीट लिखा था और अभी भी उस बात पर कायम हूं।”

यह पूरा विवाद जफरुल इस्लाम खान द्वारा सोशल मीडिया पर किए एक विवादित पोस्ट के चलते शुरू हुआ था। जफरुल इस्लाम ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि जिस दिन मुसलमान अरब देशों से अपने खिलाफ हो रहे जुल्मों की शिकायत कर देंगे ना, पूरी दुनिया में सैलाब आ जाएगा।

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