ईद घर में रहकर मनाएं, मस्जिदों सड़कों पर इकट्‌ठा नहीं हो सकेंगे

नगर संवाददाता | इंदौर

कलेक्टर का आदेश 17 मई से लॉकडाउन-4

कोरोना महामारी के चलते लागू तीसरा लॉकडाउन 17 मई को खत्म हो जाएगा। इसके बाद जिला प्रशासन ने 31 मई तक चौथे लॉकडाउन की तैयारी कर ली है। साथ ही मुस्लिम समाज द्वारा मनाए जाने वाले ईद के त्योहार को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि ईद पर मस्जिदें नहीं खोली जाएंगी। समाजजन घरों में रहकर ही यह त्योहार मनाएं। इस दौरान मस्जिद या गली-मोहल्लों में भीड़ इकट्‌ठा होने, या लॉकडाउन को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी पैदा करने वाले संदेश प्रसारित करने पर संबंधित के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की जाएगी।

कोरोना वायरस संक्रमण का असर 55 दिन से लॉकडाउन के रूप में दिखाई दे रहा है। इससे समाज की हर गतिविधि पूरी तरह बदल गई है। लोग घरों में रहकर ही धार्मिक त्योहार मना रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान पहला बड़ा त्योहार चैत्र नवरात्र का आया था, जिसमें हिंदू धर्म का पालन करने वाले सभी भक्तों द्वारा घर में रहकर ही मां की पूजा-आराधना की गई। इसके बाद लॉकडाउन की अवधि अभी समाप्त नहीं हुई और दूसरा त्योहार मुस्लिम समुदाय का ईद सामने आ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराए जाने की बात कही है। कलेक्टर सिंह ने कहा इंदौर में चौथा लॉकडाउन 17 मई के बाद शुरू हो जाएगा। शहरी क्षेत्र में इस दौरान किसी भी प्रकार की छूट नहीं रहेगी। ईद का त्योहार लोगों को घरों में रहकर ही मनाना होगा। इसी के साथ मस्जिदों में जिस तरह से अभी आराधना हो रही है, वैसे ही आने वाले समय में भी होगी। लोगों को जो भी धार्मिक अनुष्ठान करने हैं, घर में रहकर ही कर सकेंगे। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि गली-मोहल्ले में लोग एक साथ इकट्ठा भी नहीं हो सकेंगे। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में विशेष रूप से लॉकडाउन का पालन कराया जाएगा। कोई भी एक-दूसरे से संपर्क में आने की कोशिश न करे। जो लोग मस्जिदें खुलने के मैसेज वाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया पर चला रहे हैं उन पर आईटी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने कहा शहर में कोरोना संक्रमण को काबू करने के लिए लोगों ने घर में रहकर अपने सुख-सुविधाओं का त्याग किया है।

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