फूड डिलिवरी बिजनेस ठप्प होने से स्विगी 1100 कर्मचारियों की करेगा छंटनी

नई दिल्ली

लॉकडाउन 4.0 के पहले दिन ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी ने लिया बड़ा फैसला

कोरोना वायरस महामारी के कारण हुए देशव्यापी लॉकडाउन से पटरी से पूरी तरह उतर चुकी अर्थव्यवस्था का असर नौकरियों पर दिखना शुरू हो गया है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी स्विगी ने अगले कुछ दिनों में देशभर में अपने 1100 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है।

लॉकडाउन का चौथा चरण लागू होने के पहले ही दिन कंपनी ने यह कठिन फैसला लिया है। कंपनी ने अपनी करीब 14 फीसदी वर्कफोर्स को कम करने का कठिन फैसला लिया है। कंपनी के सीईओ और को-फाउंडर श्रीहर्ष मजेठी ने कहा, ‘आज स्विगी के लिए सबसे दुखद दिन है, जब हमें दुर्भाग्यपूर्ण तौर पर वर्कफोर्स को कम करने का फैसला लेना पड़ा रहा है।’बता दें कि स्विगी के पास लगभग 2.1 लाख सक्रिय डिलिवरी स्टाफ हैं और करीब 8000 स्थायी कॉर्पोरेट कर्मचारी हैं।

सोमवार को ही कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में सीईओ ने यह बात लिखी है। यही नहीं उन्होंने कि स्विगी अपनी किचेन फैसिलिटीज को लगातार स्थायी या फिर अस्थायी तौर पर बंद करने में जुटा है। श्रीहर्ष ने लिखा, ‘दुखद तौर पर हमें अपने 1100 कर्मचारियों को खुद से अलग करना पड़ रहा है।

कंपनी ने हर ग्रेड और हर फंक्शन में यह कटौती करने का फैसला लिया है। देश के कई शहरों समेत हेड ऑफिस में भी कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है।’इससे पहले जोमैटो ने 520 कर्मचारियों की छंटनी का फैसला लिया था। सीईओ श्रीहर्ष ने कहा कि अगले कुछ दिनों में एचआर टीम उन लोगों को पूरी जानकारी दे देगी, जो इस फैसले से प्रभावित हुए हैं।

फूड डिलिवरी बिजनेस पर बड़ा असर

स्विगी के को-फाउंडर श्रीहर्ष माजेती ने सोमवार को एक पत्र में कहा, ‘फूड डिलिवरी बिजनेस पर गहरा असर पड़ा है और कुछ वक्त तक यह बरकरार रहेगा, हालांकि आने वाले समय में इसके पटरी पर आने की पूरी उम्मीद है। हमें अपनी कंपनी में कर्मचारियों की संख्या कम करने और आने वाले वक्त में किसी तरह की अनिश्चितता से निपटने के लिए लागत कम करने की जरूरत है।’

क्लाउड किचन बिजनेस पर सर्वाधिक असर

माजेती ने कहा कि सबसे ज्यादा असर कंपनी के क्लाउड किचन बिजनेस पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘हम उन बिजनेस को बंद करने जा रहे हैं, जो या तो पूरी तरह अस्थिर होने जा रहे हैं या फिर अगले 18 महीनों तक उनकी कोई प्रासंगिकता नहीं रहेगी।’

तीन महीने का वेतन मिलेगा

कंपनी के सीईओ ने ईमेल के जरिए इस फैसले की जानकारी देते हुए लिखा कि इस निर्णय से प्रभावित हुए लोगों को पूरी वित्तीय और करियर से जुड़ी सहायता भी मुहैया कराई जाएगी। ऐसे कर्मचारी जिनकी छंटनी की जा रही है, उन्हें तीन महीने की सैलरी दी जाएगी। इसके अलावा जितने साल से वह कंपनी से जुड़े हैं, उतने महीने की सैलरी उन्हें दी जाएगी। नोटिस पीरियड के दौरान दी जाने वाली सैलरी से यह राशि अलग होगी।

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