दूसरे साल भी इंदौर को 5 स्टार रैंकिंग 7 स्टार रैंकिंग नहीं कर पाया हासिल

नगर संवाददाता | इंदौर

5 स्टार रैंकिंग मिली इंदौर को… इंदौर ने दूसरे साल भी अपनी रेटिंग रखी बरकरार, लेकिन कचरा संग्रहण शुल्क, जलाशय स्वच्छता और बारिश में सिटी ब्यूटीफिकेशन में चूक के कारण नहीं मिल सकी 7 स्टार रेटिंग

केंद्रीय शहरी विकास और आवासन मंत्रालय द्वारा मंगलवार को देश भर के शहरों के लिए स्टार रेटिंग जारी कर दी गई। जिसमें इंदौर को फाइव स्टार रेटिंग मिली है। इसके अलावा देश के 5 शहर और ऐसे शहर हैं जिन्हें फाइव स्टार रेटिंग दी गई है। इसके अलावा इस साल भी देश का कोई भी शहर से 1 स्टार रेटिंग के मापदंडों को पूरा करने में सफल नहीं हो सका है, जिसमें इंदौर भी शामिल है। जिन शहरों ने फाइव स्टार रेटिंग हासिल की है उनमें इंदौर सूरत मैसूर नवी मुंबई अंबिकापुर और राजकोट जैसे शहर शामिल हैं।

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए मिले 1300 अंक –

फाइव स्टार रेटिंग मिलने के साथ ही इन सभी शहरों को स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए 1300 हासिल हो चुके हैं। जो कि आगामी समय में स्वच्छता सर्वेक्षण परिणाम में जोड़े जाएंगे। यह अंक इंदौर को नंबर वन बनाने में सहायता करेंगे। फाइव स्टार रेटिंग से इंदौर को 800 अंक मिले हैं। जबकि ओडीएफ डबल प्लस और ओडीएफ सर्टिफिकेट से इंदौर को 400 अंक मिल चुके हैं।

ट्रेंचिंग ग्राउंड जैसी चुनौती इंदौर ने दूर की

2018-19 के स्वच्छता सर्वेक्षण में लांच की गई थी, जिसके तहत सेवन स्टार रेटिंग का दावा करने वाले सभी शहरों को गार्बेज फ्री सिटी घोषित करना था। इसमें इंदौर नगर निगम ने बढ़-चढ़कर काम किया। जिसके तहत देवगुराड़िया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड पर 40 फीट ऊंचा कचरे का यह पहाड़ खत्म करके यहां दबे पड़े कचरे को बायोरेमेडिएशन तकनीक से डी कंपोस्ट कर दिया गया था। इसके बाद यहां 40 हजार पौधे लगाए गए। सेवन स्टार रेटिंग की इस शर्त को पूरा करने के बावजूद भी इंदौर वर्ष 2018- 19 में सेवन स्टार के अन्य मानक जैसे यूजर चार्जेस रिकवरी सिटी ब्यूटीफिकेशन और नदी तालाबों में सीवरेज का पानी और सफाई करने में असफल हो गया था।

55 इंच बारिश भी बनी बाधा

इसके अलावा वर्ष 2019-20 सेवन स्टार रेटिंग नहीं मिलने का मुख्य कारण कान्ह और सरस्वती नदी मैं लगभग 434 सीवरेज आउटफाल को बंद किया जाना था, लेकिन पिछले वर्ष 55 इंच बारिश शहर में हुई और लगातार बारिश के चलते आउटफाल टैपिंग का काम पूरा नहीं हो सका। सिटी ब्यूटीफिकेशन के काम में भी देरी से शुरू हुए सेवन स्टार रेटिंग सर्वेक्षण तक यह काम जारी रहे, बस्तियों में ब्यूटीफिकेशन के काम नहीं हुए। जिसके चलते सेवन स्टार रेटिंग के मापदंड पूरे नहीं होने पर इंदौर को फाइव स्टार रेटिंग से ही संतोष करना पड़ा है।

नदी सफाई में चूक से नहीं मिली सेवन स्टार रेटिंग

इस वर्ष सभी नगरी निकाय के लिए महत्वपूर्ण मापदंड कचरा संग्रहण वसूली करना था। इंदौर को 62 करोड़ रुपए की वसूली करनी थी, लेकिन मार्च तक 32 करोड़ की रिकवरी ही हुई। नदी तालाब के सौंदर्यीकरण के साथ ही इन की स्वच्छता के लिए भी बड़े स्तर पर काम किए जाने थे। जलाशयों में गंदगी नहीं डाली जाए और सीवरेज के पानी को भी यूज़ किया जाए इसके लिए भी कारगर तरीके से काम किए जाने थे लेकिन सेवन स्टार के मापदंडों के अनुसार इंदौर नगर निगम ने इन पर खरा उतरने के सारे प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।

मध्य प्रदेश के 10 शहरों को मिला 3 स्टार

सेवन स्टार सर्वेक्षण में देश के लगभग 200 शहरों ने हिस्सा लिया था जहां केंद्र सरकार ने थर्ड पार्टी निरीक्षण करवाया था और इसके अंतर्गत जारी किए गए मानकों पर काम करने की सच्चाई को परखा था। इस बार मध्य प्रदेश के 10 शहरों को 3 स्टार रेटिंग मिली है। ये शहर हैं बुरहानपुर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, खरगोन, कटनी, ओंकारेश्वर, पीथमपुर, कांटाफोड़ व सिंगरौली। इधर, भोपाल को इससे झटका लगा है। भोपाल अब तक फाइव स्टार रेटिंग हासिल नहीं कर सका। उसे 3 स्टार रेटिंग से ही संतोष करना पड़ा है।

अधिकारी बोले इस बार लगाएंगे पूरी ताकत

इंदौर के परफॉर्मेंस में कोई कमी नहीं आई है। यह जरूर है कि आने वाले समय में और अधिक मेहनत के साथ सेवन स्टार की गाइडलाइन पर खरा उतरने की जरूरत है। खासकर नदी को स्वच्छ करने के बाद ही इंदौर को सेवन स्टार रेटिंग प्राप्त हो सकती है।
प्रतिभा पाल, निगमायुक्त

इस वर्ष सभी सात एसटीपी के निर्माण कार्य पूरे हो जाएंगे, जिससे नदी में साफ पानी बहेगा और वर्ष 2020-21 की सेवन स्टार रैंकिंग में इंदौर को सेवन स्टार रैंकिंग मिल सकेगी।
आशीष सिंह, पूर्व नगर निगम आयुक्त

विदेशों में नदियों के शुद्धिकरण पर ध्यान दिया जाता है वैसा हमें देना होगा। नदी को इंसान के रूप में मानना होगा और इसकी स्वच्छता की जिम्मेदारी हर नागरिक को लेनी होगी। वरना किसी भी शहर को सेवन स्टार रेटिंग नहीं मिलेगी।
असद वारसी, कंसलटेंट स्वच्छ भारत मिशन इंदौर

केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर दी है लेकिन इस साल कोविड-19 के साथ हमें सेवन स्टार और स्वच्छ भारत मिशन की गाइडलाइन का पालन करना काफी चुनौतीपूर्ण है।
रजनीश कसेरा, अपर आयुक्त स्वास्थ्य विभाग

इस वर्ष सेवन स्टार रेटिंग के प्रत्येक मापदंड पर हमने काम करने का प्रयास किया है। इंदौर को हर साल की तरह ओडीएफ डबल प्लस सर्टिफिकेट के साथ फाइव स्टार रेटिंग मिला है। जो कमियां रह गई है उन्हें पूरा किया जाएगा।
महेश शर्मा, स्वच्छ भारत मिशन समन्वयक

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