प्रवासियों पर भड़कते हुए जेडीयू विधायक बोले जिसने तुम्हें पैदा किया है, उसी बाप से रोजगार क्यों नहीं मांगते

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

जेडीयू विधायक कवारन्टीन सेंटर का निरीक्षण करने गए थे। इस दौरान मजदूरों ने शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी से रोजगार मांगा। कहा कि अगर आप हमलोगों को रोजगार मुहैया कराएंगे तो बाहर नहीं जाना पड़ेगा। जिसके बाद विधायक भड़क गए और उसके बाद अपनी निचली स्तर की बुद्धि का प्रदर्शन कर दिया।

अपने बाप से रोजगार मांगो

दरअसल शेखपुरा जिले के अरियरी ब्लॉक के चांदी गांव में क्वारंटीन किये गए  प्रवासी मजदूरों का हाल जानने पहुंचे शेखपुरा के जेडीयू विधायक रणधीर कुमार से जब मजदूरों ने रोजगार की बात की तो विधायक ने आपा खो दिया और मजदूरों को फटकारते हुए कहा, “बाबूजी तुमको पैदा किये उ रोजगार दिए। जाओ उनसे रोजगार मांगों”

विधायक की इस बात से नाराज होकर मजदूरों ने भी जवाब दे दिया कि हमारे वोट से जीत कर विधायक बने आप और रोजगार पिता जी से मांगे। इसके बाद प्रवासी मजदूरों ने भी विधायक रणधीर कुमार सोनी को खूब खरी खोटी सुनाई।

मजदूरों ने भी विधायक को जम कर सुनाया

मजदूरों को इस पलायन ने बगावत करना तो सीखा ही दिया कि वो अपनी बनाई गई सरकारों से सवाल पूछ सकें। मजदूरों ने एक जुट होकर एक ही स्वर में बोला, “पिछले दस सालों से आप शेखपुरा के विधायक हैं. अगर आपने क्षेत्र के लिए कुछ काम किया होता तो आज मजदूरों का इतना बुरा हाल नहीं होता। अरे नेताओं का काम क्या है अपने क्षेत्र में सुविधा उपलब्ध कराना लेकिन अभी तक हमको कोई सुविधा नहीं मिली।”

विधायक के साथ जेडीयू के जिलाध्यक्ष अंजनी कुमार भी थे। मजदूरों ने उन्हें भी खूब फटकारा।

मजदूरों का घुस्सा देख टीम संग वापस लौटे विधायक

मजदूरों का गुस्सा देखकर विधायक रणधीर कुमार सोनी ने अपनी जेडीयू टीम के साथ वहां से हटने में ही अपनी भलाई समझी। विधायक ने मजदूरों द्वारा रोजगार मांगे जाने पर जिस तरह का अमर्यादित जबाब दिया, वह किसी भी मायने में एक निर्वाचित जन प्रतिनिधि के मर्यादा के खिलाफ है। मजदूरों ने बिहार में रोजगार नहीं रहने पर बिहार सरकार पर मजदूरों के पलायन का गंभीर आरोप लगाया।

शेखपुरा विधायक के इस वायरल वीडियो पर बिहार कांग्रेस की तरफ से ट्वीट किया गया है, जिसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने विधायक पर कार्रवाई करने की हिम्मत जुटाने की बात कही गई है। बता दें, प्रवासी मजदूरों के घर वापसी को लेकर आरजेडी-कांग्रेस समेत समूचा विपक्ष नीतीश सरकार को कटघरे में खड़ा करता रहा है।

इससे पहले भी व्यवस्था और जेडीयू पर उठे हैं सवाल

कोरोना संकट के दौरान दूसरे राज्यों से बिहार लौटने वाले प्रवासी मजदूरों को कवारन्टीन करने की व्यवस्था है। राज्य भर में क्वरेंटाइन सेंटर बनाये गये हैं लेकिन इन कवारन्टीन सेंटर से बवाल और बदइंतजामी की खबर लगातार सामने आ रही है। जिससे पता चलता है कि आपदा और आपातकालीन के समय सरकारें किस कदर अपना फायदा देख रही हैं और लगातार एक वक्त का भोजन उपलब्ध कराने में भी फेल हो रही है।

बीते दिन भी जेडीयू और व्यवस्था पर सवाल उठा था दरअसल जेडीयू विधायक ददन पहलवान सूचना मिली थी कि उनके इलाके के एक स्कूल में प्रवासी मजदूरों को बंद कर दिया गया है। इसकी सूचना पर जेडीयू विधायक ददन पहलवान खुद उस स्कूल पर पहुंचे तो वहां की स्थिति को देखकर चकरा गए। स्कूल के भीतर बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों को लाकर बंद कर दिया गया था और मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया गया था। वहां कुछ भी बताने के लिए कोई सरकारी कर्मी मौजूद नहीं था।


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