इंदौर के प्रबंधन को केंद्र ने मॉडल माना देश इससे सीखेगा कोरोना से लड़ना

विनोद शर्मा|इंदौर

चार शहरों के बेहतर तरीकों के जरिए देशभर में संक्रमण से निपटने की रणनीति

देश-दुनिया को सफाई सिखा चुका इंदौर देश के कई शहरों में कोरोना महामारी से बचने का प्रबंधन भी सिखाएगा। 20 से 27 अप्रैल के बीच शहर में रही इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम (आईएमसीटी) की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार ने जिन चार शहरों का प्रबंधन मॉडल के तौर पर लिया है उनमें इंदौर भी शामिल है। हालांकि इंदौर में कोरोना की रफ़्तार घटी जरूर है पर नए मरीज भी प्रतिदिन बढ़ रहे हैं।

प्रथम चरण में केंद्रीय टीम ने इंदौर सहित छह शहरों का दौरा किया था। सात दिन टीम इंदौर में रही। सात दिन में संक्रमित क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। केंद्र सरकार ने टीम की रिपोर्ट के आधार पर मॉडल सिटी के रूप में इंदौर को भी चुना है। इंदौर के अलावा सूची में जयपुर, चेन्नई और बेंगलुरु शामिल है। इंदौर और जयपुर की पहचान ऐसे महानगरों के तौर पर हुई है जो नए तरीकों से अधिक केसों से निपटे। चेन्नई-बेंगलुरु ने मृत्युदर को बेहद कम रखा। मॉडल चुनने की एक वजह यह भी है कि इंदौर जिस श्रेणी में आता है उस श्रेणी के अन्य शहरों की हालत खराब है और लगातार बिगड़ती जा रही है। फिर वह गुजरात का अहमदाबाद हो। महाराष्ट्र का ठाणे व पुणे हो। अन्य शहरों में भी लगातार केस बढ़ रहे हैं। इंदौर में रफ्तार कम है। मौजूदा औसत के हिसाब से 30 जून तक भी इंदौर में संक्रमित 5 हजार से अधिक नहीं होंगे।

इन तरीकों ने हमें रखा दूसरे शहरों से आगे…

सर्वे : तेजी से घर-घर सर्वे और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग। गलियों में पेट्रोलिंग के लिए स्पेशल टीमें। कंटेनमेंट एरिया बनाए। इंसीडेंट कमांडर नियुक्त किए।

सौदा चिट्टी : किसानों को फसल बेचने के लिए मंडी आने की जरूरत नहीं पड़ी। सौदा चिट्‌ठी से फसलें खरीदी-बेचीं गई।

सहायता : नगर निगम और अन्य संस्थाओं के सहयोग से जिला प्रशासन ने जरूरतमंदों को राशन और भोजन की आपूर्ति बनाए रखी।

सख्ती : दूध वितरण और मेडिकल दुकानों को छोड़ पूरा बाजार बंद रखा। सख्ती से लॉकडाउन का पालन किया। फल-सब्जी की होम डिलिवरी।

सकारात्मक : मप्र में पीपीई किट और मास्क बनाने का काम इंदौर-पीथमपुर से शुरू हुआ। सेनेटाइजर और हाईड्रोक्सीक्लोरोक्वीन भी यहीं बन रहे।

तत्परता : अस्पतालों का अधिग्रहण वक्त रहते किया। मैरिज गार्डन, होटल, हॉस्टल, कॉलेज को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया।

पिछले एक महीने में हासिल बड़ी सफलता

मृत्यु दर 75% घटी… 12 अप्रैल को इंदौर में 221 केस थे। 30 लोगों की मौत हो चुकी थी। मृत्युदर थी 12 प्रतिशत। जिसे देखते हुए केंद्र को टीम भेजना पड़ी। 25 मई को मृत्यु दर घटकर 3.78 प्रतिशत रह गया।

संक्रमण की रफ़्तार दूसरे शहरों में बढ़ी, इंदौर में घटी… 8 अप्रैल को इंदौर में 214 केस थे जबकि अहमदाबाद में 84, पुणे में 52, ठाणे में 80, चैन्नई में 152 केस थे। 25 मई को ठाणे में 6625, पूणे में 5682, चैन्नई और अहमदाबाद में 10 हजार से ज्यादा मामले हो चुके हैं। इंदौर में अभी कोरोना संक्रमितों की संख्या 3064 है। यानी प्रशासन संक्रमण की रफ्तार को थामने में कामयाब रहा है।

48% हुए स्वस्थ… 25 मई तक इंदौर में 3064 केस। 116 की मौत। 2948 केस में से 1476 (48.17 प्रतिशत) डिस्चार्ज होकर घर लौटे। एक्टिव केस 1472 (48.04 प्रतिशत) एक्टिव केस हैं। सात दिन रहने के बाद 27 अप्रैल को जब केंद्र की टीम रवाना हुई थी तब कुल 1372 में से 134 (9.79 प्रतिशत) ही डिस्चार्ज हुए थे।

पॉजिटिव 20% से घटकर 7… 27 अप्रैल तक 6712 की सेंपलिंग हुई थी। इसमें से 1372 पॉजिटिव मिले। 20.44 प्रतिशत की रफ्तार थी संक्रमण की। 25 मई तक 30700 से अधिक सेंपलिंग हुई। 28 दिन में 23988 सेंपल। केस बढ़े 1692 ही। संक्रमण की रफ्तार रह गई 7.05 प्रतिशत।

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