पांच कहानियों से समझें इंदौर में हम ही फैला रहे संक्रमण

नगर संवाददाता | इंदौर

सावधानियों को नजरअंदाज कर कैसे खुद दे रहे बीमारी को न्योता

दो महीने पहले शहर में कोरोना की दस्तक होते ही जब 4-5 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो किसी ने सोचा नहीं था कि स्वच्छता में तीन बार देश में शीर्ष पर रहा इंदौर कोरोना संक्रमण में ब्लैक स्पॉट बनकर उभरेगा। अब तक यह महामारी शहर में 129 लोगों को लील चुकी है, जबकि 3400 से ज्यादा लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव है। फिर भी अच्छी बात यह है कि शहर में रिकवरी रेट बेहतर है। आधे से ज्यादा लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके है। इन दिनों जो आंकड़े बढ़ रहे हैं उसमें आमजन की लापरवाही भी एक बड़ा कारण बनकर उभरी है। लोग अभी भी महामारी को हल्के में लेकर बीमारी को बढ़ा रहे हैं जिससे सोसायटी को खतरा बना हुआ है। ऐसे लोग शासन-प्रशासन द्वारा दी जाने वाली तमाम हिदायतों और जरूरी सुरक्षा साधनों का पालन नहीं कर रहे।

आठ जून से शुरू होगा अनलॉक का पहला चरण

केंद्र सरकार ने शनिवार को देश के सभी कैंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन 30 जून तक बढ़ाने की घोषणा की। साथ ही कहा कि आठ जून से आतिथ्य सत्कार (हॉस्पिटैलिटी) सेवाओं, होटलों और शॉपिंग मॉल को खोलने की अनुमति होगी। केंद्र ने लॉकडाउन में और अधिक छूट संबंधी शनिवार को जारी नए दिशा-निर्देशों को लॉकडाउन हटाने का प्रथम चरण (अनलॉक 1) बताया है। अनलॉक नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि इसमें चरणबद्ध तरीके से सुविधाओं और सेवाओं को बहाल किया जाएगा। हालांकि यह पूरा काम तीन चरणों में होगा। पहला चरण 8 जून से लागू होगा और दूसरा चरण जुलाई से।

ई-पास की अनिवार्यता खत्म : एक जून से राज्यों के बीच आवागमन के लिए अब तक आवश्यक रहे ई-पास की अनिवार्यता समाप्त। आवाजाही मुक्त।

पहला चरण : आठ जून से लागू होगा। धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेवाएं, शॉपिंग मॉल खुलेंगे।

दूसरा चरण : जुलाई में लागू होगा और इसमें स्कूल-कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान, प्रशिक्षण संस्थान, कोचिंग इंस्टिट्यूट आदि खुलेंगे।

तीसरा चरण : पहले और दूसरे चरण के बाद बनी स्थिति के आधार पर इसे लागू किया जाएगा। संभव है कि तीसरे चरण में अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानें, मेट्रो रेल, सिनेमा हॉल, जिम, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, सभा स्थल और इसी तरह के स्थान खोले जा सकते हैं।

मध्यप्रदेश में 15 जून तक बढ़ा लॉकडाउन

मप्र सरकार ने लॉकडाउन को 15 जून तक जारी रखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को इसकी घोषणा की। राज्य में स्कूल-कॉलेज पर आखिरी फैसला 13 जून के बाद होगा।

पंचतंत्र की कहानियों की तरह इसे जरूर पढ़िये, सीख मिलेगी

  1. ट्यूटर के घर समाजजनों की बैठक, फैला संक्रमण, मौत

पिछले दिनों एमआईजी थाना क्षेत्र के सेक्टर जे में ईसाई समाज की एक ट्यूटर में कोरोना के लक्षण दिखे। उसकी मौत हो गई। यह संयोग ही था कि इसी मकान के सामने रहने वाले एक नमकीन व्यवसायी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई और मौत हो गई। बाद में पता चला कि कुछ दिन पहले ट्यूटर के घर पर समाज का कोई प्रोग्राम था। उसमें कई लोग शामिल हुए थे

2. बच्चे की बर्थ-डे पाट , 19 लोग हुए संक्रमित

सांवेर के ग्राम बड़ोदिया में 19 पॉजिटिव मरीज मिले। पता चला कि गांव की एक महिला कुछ दिन पहले अपनी बुजुर्ग मां को राज नगर, इंदौर से लेकर लौटी थी। मां बीमार थी, जिसकी मौत हो गई। उक्त महिला भी संक्रमित हो गई। इसके बाद उसके संपर्क में आए 19 लोग भी पॉजिटिव निकले। ये सभी एक बच्चे के जन्मदिन समारोह में एकत्र हुए थे, संक्रमण वहीं से फैला।

3. सस्ते खाने के लालच में 20 इलाकों में फैल गया संक्रमण

यह उदाहरण शहर में कर्फ्यू के पहले का है। जवाहर मार्ग से लगे रानीपुरा, झंडा चौक, दौलतगंज, हाथीपाला, बंबई बाजार, टाटपट्टी बाखल के छोटे होटल व्यवसायियों ने इंदौर में जल्द लॉकडाउन होने की संभावना के मद्देनजर आधी से कम कीमत में खाद्य सामग्री बेचना शुरू कर दिया। इससे लगातार जमावड़ा रहा। लिहाजा 70 लोग, 20 से ज्यादा क्षेत्र संक्रमित हो गए।

4. हेयर ड्रेसर को घर बुलाना भारी पड़ा, परिवार चपेट में आया

पिछले दिनों एक महिला ने हेयर ड्रेसर को घर बुलाया और बाल कटवाए। बाद में महिला सहित 14 लोगों को कोरोना जैसे लक्षण दिखे। इस पर उनके सैंपल लिए गए तो सभी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसी तरह सेंधवा में एक राजनेता को सलून जाना महंगा पड़ा। परिवार को उनकी लापरवाही ने संक्रमित कर दिया।

5. इंंदौर से महेश्वर भागे, परिवार को भी किया बीमार

मल्हारगंज की एक मल्टी में रहने वाले व्यक्ति का आसपास बढ़ते मरीजों की संख्या से घबराकर 4 मई को बिना प्रशासनिक अनुमति महेश्वर जाना परिवार के लिए भारी पड़ गया। परिवार के 7 सदस्यों को संक्रमित लड़ने के साथ मिलने-जुलने वालों को भी चिंता में डाल दिया जबकि होना यह चाहिए था कि महेश्वर पहुंचने के बाद खुद को क्वारेंटाइन करना था। लापरवाही परिवार ने भी की क्योंकि उसने भी ऐसा करने को नहीं कहा।

सबक ये है कि… बचना है तो कतई ऐसा न करें

इन पांच किस्सों से जाहिर है कि छोटे तो दूर, बड़े लोग भी अपने और परिवार की जान की सुरक्षा को लेकर लापरवाह हैं। ऐसे में जरूरत है कि सभी सोशल डिस्टेंसिंग सहित पूरी गाइडलाइन का पालन करें। बाहरी किसी व्यक्ति को फिलहाल घरों में प्रवेश न दें। बाहर से लाई हर वस्तु को काफी देर बाहर ही रखें, फिर सेनेटाइज कर अंदर लाएं। एक साथ समूह के रूप में एकत्र न हों। संक्रमित क्षेत्रों से दूर रहें।

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