मंगल पर दिखी हरे रंग की परत, ये ऑक्सीजन होने का पहला सबूत

लंदन

यूरोपीयन स्पेस एजेंसी गैस ऑर्बिटर ने मंगल ग्रह (मार्स) की कुछ चौंकाने वाली तस्वीरें ली हैं। इन तस्वीरों में मंगल हरे रंग की एक परत से घिरा हुआ नज़र आ रहा है, जो कि देखने में कुछ-कुछ पृथ्वी के उपरी वातावरण जैसा दिख आ रहा है। स्पेस डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक मंगल के चारों तरफ मौजूद इस गोले में ऑक्सीजन है, जिसके चलते ये हरे रंग का नज़र आ रहा है। ऐस्ट्रोनॉमर्स करीब 40 साल से मंगल पर ऑक्सीजन की मौजूदगी का दावा करते आ रहे थे, लेकिन पहली बार इसका सबूत मिलने से वह बेहद उत्साहित हैं।

चार साल से मंगल का चक्कर काट रहे ऑर्बिटर एक्सोमार्स ट्रेस ऑर्बिटर (टीजीओ) को पहली बार हरे रंग में चमकती ऑक्सीजन दिखाई दी है। यह सूरज की किरणों के हवा में मौजूद एलिमेंट्स से मिलने पर पैदा होती है। सोलर सिस्टम में दूसरे किसी ग्रह पर ऐसी चमक नहीं देखी गई है। पृथ्वी के ऊपर भी रात को ऐसी चमक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से देखी जा सकती है, लेकिन वह मंगल की चमक से हल्की होती है। बेल्जियम यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर जीन क्लाउड गेरार्ड का कहना है कि किसी दूसरे ग्रह से पहली बार जब पृथ्वी की तस्वीर ली गई थी तो इसी तरह का एक हरे और नीले रंग की परत नज़र आई थी।

सैटेलाइट मिशन भेजने में मिलेगी मदद

स्टडी में पाया गया कि मंगल पर ऑक्सीजन की यह चमक सबसे ज्यादा 2 लाख 62 हजार फीट पर थी और मंगल और सूरज के बीच की दूरी के हिसाब से बदलती जा रही थी। यह कार्बन डाइ ऑक्साइड के ऑक्सीजन और कार्बन मोनो ऑक्साइड के उत्सर्जन की वजह से पैदा हुई। इससे निकलने वाली ऑक्सीजन विजिबल और अल्ट्रावॉइल्ट लाइट दोनों में चमक रही थी। मंगल की चमक यह चमक पृथ्वी की तुलना में 16.5 गुना ज्यादा है। इस खोज से मंगल पर सैटेलाइट मिशन भेजने में मदद मिलेगी।

 

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