आखिर झुका चीन

नई दिल्ली

गलवान घाटी संघर्ष के सात दिन बाद भारत की बड़ी सफलता

गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष के सात दिन बाद आखिरकार चीन टकराव वाले स्थानों से अपनी सेना हटाने पर सहमत हो गया है। भारत और चीन के शीर्ष सैन्य कमांडरों के बीच सोमवार को हुई बैठक के दौरान दोनों देशों की सेनाओं में इस पर सहमति बनी। भारत की सेना भी पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले स्थानों से हटेगी। सैन्य सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सोमवार को भारतीय पक्ष नें 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह की अगुवाई में और चीनी पक्ष ने तिब्बत सैन्य जिला कमांडर मेजर जनरल ल्यू लिन की अगुवाई में करीब 11 घंटे तक बातचीत की।

वार्ता में भारतीय पक्ष ने गलवान घाटी में चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों पर पूर्वनियोजित हमले का मामला प्रमुखता से उठाया और पूर्वी लद्दाख के सभी इलाकों से तत्काल चीनी सैनिकों को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारतीय पक्ष ने एलएसी पर दोनों देशों को अपने बेसों में सैनिकों की संख्या घटाने का भी सुझाव दिया। पीछे हटने के विस्तृत प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए अगले कुछ हफ्ते में दोनों पक्ष कुछ और बैठकें करेंगे। बता दें कि पिछले छह हफ्ते से पेंगोग सो, गलवान घाटी, गोगरा हॉट स्प्रिंग और कई अन्य स्थानों पर दोनों देशों की सेनाओं का आमना-सामना हुआ है।

सटीक कूटनीति… रूस में चीन के रक्षा मंत्री से नहीं मिलेंगे राजनाथ

रूस गए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह वहां मौजूद चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंग्हे से मुलाकात नहीं करेंगे। इससे पहले चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया था कि फेंग्हे और राजनाथ की मॉस्को में मुलाकात होगी। लेकिन भारत ने मंगलवार शाम स्पष्ट तौर पर कहा कि दोनों रक्षा मंत्रियों के बीच कोई मुलाकात नहीं होगी।

सतर्क सैन्य नीति… अमेरिका से तोप के गोले खरीदने की तैयारी

भारत सरकार ने एम-777 होवित्जर तोपों के गोले खऱीदने के लिए अमेरिका से संपर्क किया है। भारतीय सेना अधिक मारक और बेहतर तरीके से तोपखाने के लिए बनाए गए गोला-बारूद को हासिल करने के लिए एक आदेश देने की योजना बना रही है, जो 50 किमी रेंज तक लक्ष्य को मार सकता है। भारत चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हर तरह से तैयार हो रहा है।

आर्मी चीफ ने घायल जवानों की पीठ थपथपाई

सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने मंगलवार को लेह के मिलिट्री हॉस्पिटल में बहादुर सैनिकों से मुलाकात की। वह दो दिवसीय दौरे पर वहां पहुंचे। मिलिट्री अ‍स्पताल में वे जवान भर्ती हैं जो गलवान घाटी संघर्ष में घायल हुए थे। सेना प्रमुख ने बहादुर जवानों से बातचीत कर उनका हाल जाना और उनके जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कमांडरों के साथ लद्दाख क्षेत्र में सेना की समग्र तैयारियों की समीक्षा भी की।

Next Post

हमारे मुल्क के लोग ही हज यात्रा कर पाएंगे : सऊदी सरकार

Wed Jun 24 , 2020
अबू धाबी पिछले साल 25 लाख से ज्यादा लोग हज यात्रा पर मक्का और मदीना पहुंचे थे। इस साल 28 जुलाई से 2 अगस्त तक हज यात्रा होनी थी। इसके लिए भारत का कोटा 2 लाख है। भारत के 2.13 लाख जायरीनों का पूरा पैसा उनके अकाउंट में ट्रांसफर होगा। […]