100 मीटर दूर तक बिखरे खून के धब्बे इस बात के गवाह हैं कि कितनी बर्बरता से पुलिसवालों को मारा गया

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। 

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव में दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं।

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की तलाश में गई पुलिस पार्टी पर बीती रात हमला बोल दिया गया। अपराधियों की ओर घात लगाकर की गई फायरिंग में 8 पुलिसकर्मी शहीद हुए हैं।

8 पुलिसवालों की हत्या की कहानी काफी खौफनाक है

सात पुलिसकर्मी घायल हैं चार गंभीर हालत में हैं। घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। सभी घायल पुलिसकर्मियों को कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

चौबेपुर में 8 पुलिसवालों की हत्या की कहानी जितनी खौफनाक है, उतनी ही वो शातिर अपराधी विकास दुबे और गांव में उसके असर को भी बताती हैं। सूत्रों के अनुसार, गांव में रात में अंधेरा था। पुलिसकर्मियों के पास सर्चलाइट थी। इधर से पुलिस एकाध फायर करती और सर्चलाइट दिखाती, उससे ज्यादा तीव्रता से अपराधी फायर करते।

घरों की छत से पुलिस पर गोलियां बरसाई गईं, जब पुलिस बल कमजोर होता दिखा तब अपराधी बाहर और छिपे हुए पुलिसकर्मियों को तलाशकर मारना शुरू कर दिया। उन्हें दूर तक घसीटने के बाद गोली मार दी गई। जिसमें सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा समेत तीन सब इंस्पेक्टर और चार सिपाही शहीद हो गए।

100 मीटर दूर तक बिखरे खून के धब्बे

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विकास के घर से 100 मीटर दूर तक बिखरे खून के धब्बे इस बात की गवाही दे रहे थे।

एसटीएफ के आईजी ने बताया कि हस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्‍या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज था। पुलिस इसी सिलसिले में उसे पकड़ने गई थी।

बदमाशों के पुलिस टीम पर हावी होने को एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने पुलिस की चूक माना है। लखनऊ से कानपुर देहात पहुंचे प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले में पुलिस की तरफ से चूक हुई। प्रशांत कुमार सीएम योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट देंगे।

पुलिस के पास बुलेटप्रूफ जैकेट या हेलमेट नहीं था

विकास से मोर्चा लेने वाली पुलिस के पास बुलेटप्रूफ जैकेट या हेलमेट जैसा कोई उपकरण नहीं था। यही कारण है कि इतने पुलिसकर्मियों को जान से हाथ धोना पड़ा। स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रॉसिजर का पालन न किए जाने के मामले पर एडीजी प्रशांत कुमार ने कोई जवाब नहीं दिया।

राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा है कि यूपी में गुंडाराज का एक और प्रमाण। जब पुलिस सुरक्षित नहीं, तो जनता कैसे होगी? मेरी शोक संवेदनाएँ मारे गए वीर शहीदों के परिवारजनों के साथ हैं और मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।

योगी आदित्यनाथ ने कहा बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने यूपी के डीजीपी को मामले में सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।

मामले की रिपोर्ट मंगाते हुए कहा, “जनपद कानपुर में ‘कर्तव्य पथ’ पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले 08 पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि। शहीद पुलिसकर्मियों ने जिस अपरिमित साहस व अद्भुत कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया, उ.प्र. उसे कभी भूलेगा नहीं। उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।”

हत्यारे विकास को खोजा जा रहा है। इसके लिए कानपुर शहर के साथ ही देहात तथा पास के जिलों में लगातार छापा मारा जा रहा है। विकास दुबे का एक साथी हिरासत में है। यहां पर तो सभी बॉर्डर सील करने के साथ हर वाहन की चेकिंग की जा रही है।

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