फिल्मों की कहानियों के जैसा ही है विकास दुबे की एनकाउंटर की कहानी

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कानपुर के बिकरू गांव में सीओ सहित आठ पुलिस वालों की हत्या करने वाले पांच लाख का इनामी विकास दुबे के केस में अब एक नया ट्विस्ट आ गया है। अब इस ‘विकास कहानी’ में एनकाउंटर का मामला भी जुड़ गया है।

कल ही विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया गया था। वारदात के बाद से फरार विकास यूपी, दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश पुलिस को चकमा देकर दर्शन करने मंदिर पहुंचा था। गिरफ्तारी के बाद विकास से पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में दो घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई। इसके बाद उसे मध्यप्रदेश पुलिस ने यूपी एसटीएफ को सौंप दिया था।

विकास दुबे पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने लगा

दरअसल इस एनकाउंटर की कहानी कुछ इस तरह है कि विकास दुबे को उज्जैन पुलिस ने गुरुवार सुबह गिरफ्तार किया था। सूचना पर कानपुर से पुलिस व एसटीएफ टीम विकास को सड़क मार्ग से शुक्रवार सुबह कानपुर ला ही रही थी।

कानपुर पहुंचते ही भौंती हाईवे के पास पुलिस वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया। हादसे में वाहन सवार अभियुक्त और पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसी दौरान विकास दुबे ने घायल पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की।

पुलिस टीम ने पीछा किया और उसे घेरकर आत्मसमर्पण करने को कहा गया, लेकिन वह नहीं माना और पुलिस टीम पर गोलियां चलाने लगा। पुलिस ने आत्मरक्षा में जबाबी फायरिंग की। मुठभेड़ में गोली लगने से विकास दुबे घायल हो गया। आनन-फानन इलाज के लिए हैलट अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज का दौरान विकास की मौत हो गई।

कार के पलट जाने को लेकर पुलिसवालों का क्या पक्ष है

 

एसपी कानपुर वेस्‍ट का कहना है कार के पलट जाने के बाद घायल पुलिसवाले की पिस्‍टल छीनकर विकास ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे सरेंडर करने को कहा लेकिन उसने एक पुलिसकर्मी पर गोली चला दी।

कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने विकास दुबे के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि चार पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं जिनका कानपुर के सीएचसी अस्पताल (कम्युनिटी हेल्थ सेन्टर या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में उनका इलाज चल रहा था। उन्होंने बताया कि घटना का पूरा ब्यौरा देने के लिए पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी और तभी सबकुछ बताया जाएगा।

विकास मुंह खोलता तो नेता, अफसर सबकी कलई खुलती

विकास दुबे के एनकाउंटर पर उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस और युपी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए ट्वीट में लिखा  है, “दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है।”

कथित तौर पर बताया जा रहा है कि अगर विकास मुंह खोलता तो नेता, अफसर और अपराधी गठजोड़ का खुलासा हो जाता। जिससे कई मुश्किल में होंते।

 

हिस्ट्रीशीटर के साथ रहने वाले, मदद करने वाले तमाम लोग अभी से पसीना-पसीना हो चुके थे कि विकास ने उनका नाम ले लिया तो पुलिस नींद हराम कर देगी। इस बात की संभावना भी थी कि विकास उन चेहरों को भी बेनकाब कर देगा जो सत्ता के गलियारे से इसकी मदद कर रहे थे।

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