सरकार गिराने की साजिश, 2 भाजपा नेता अरेस्ट

जयपुर

राजस्थान में हॉर्स ट्रेडिंग… एसओजी ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को गिराने की कोशिशों के मामले में भाजपा के दो नेताओं का नाम सामने आया है। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने पूछताछ के बाद दोनों नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है। इनके नाम हैं- अशोक सिंह और भरत मालानी। सिंह उदयपुर और मालानी ब्यावर के भाजपा नेता हैं।

दोनों के खिलाफ 124-ए और 120-बी आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया है। एसओजी के मुताबिक मालानी की कॉल रिकॉर्डिंग से पता चला है कि विधायकों को खरीदने की कोशिश जा रही थी। कांग्रेस और निर्दलीय विधायकों को 20-25 करोड़ रुपए का लालच देने की जानकारी सामने आई है।

एसओजी ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। भाजपा पर आरोप है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मनमुटाव का फायदा उठाकर वह सरकार गिराने की साजिश रच रही है। एसओजी भाजपा के दोनों नेताओं से पूछताछ कर रही है। एसओजी ने राज्यसभा चुनाव के दौरान हॉर्स ट्रेडिंग की शिकायत के बाद कई संदिग्ध मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर रखा था। मोबाइल नंबर 9929229909 और 8949065878 पर हुई बातचीत से विधायकों की खरीद-फरोख्त का पता चला।

एसओजी के अनुसार इन मोबाइल नंबर पर 13 जून को हुई बातचीत में विधायकों को खरीदने और गहलोत सरकार को गिराने का मामला सामने आया। इन दोनों नंबरों पर हुई वार्ता में सामने आया कि वर्तमान सरकार को गिराकर नया मुख्यमंत्री बनाया जाएगा।

मध्यप्रदेश बनते-बनते रह गया राजस्थान

राजस्थान में कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त की राजनीति ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है। विपक्ष के सरकार गिराने की कोशिश के मामले में राजस्थान एसओजी ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसके बाद दो भाजपा नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया। इस पूरे मामले ने राजस्थान की राजनीति में नया भूचाल लाकर खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच मनमुटाव का फायदा उठाकर सरकार गिराने की कोशिश की जा रही थी।

बताया जाता है कि राज्यसभा चुनाव से पहले ही राजस्थान सरकार को गिराने की पूरी तैयारी हो गई थी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री राजस्थान ने भी राज्यसभा चुनाव से पहले बीजेपी द्वारा विधायकों को 25-25 करोड़ रूपये के प्रलोभन देकर खरीदने की बात कही। इसी सम्बन्ध में महेश जोशी मुख्य सचेतक, कांग्रेस का भी परिवाद प्राप्त हुआ था कि वर्तमान कांग्रेस मरकार के विधायकों और इसको समर्थन दे रहे विधायकों को प्रलोभन देकर राज्यसभा चुनाव में वोटिंग को प्रभावित करने और सरकार अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं।

आरोप सिद्ध कर देंगे तो ले लूंगा संन्यास- कटारिया

उदयपुर। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत यदि आरोपों को सिद्ध कर देंगे तो वो राजनीति से पलभर में संन्यास ले लेंगे। कटारिया ने मुख्यमंत्री की पूरी प्रेस कांफ्रेंस पर सवाल खड़े किए और साफ किया कि शनिवार की कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री गहलोत की घबराहट नजर आ रही थी। कटारिया ने कहा प्रेस कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री द्वारा उपयोग किये गए शब्द उनके स्तर के नहीं थे। गहलोत ने राज्यसभा चुनाव के दौरान कई प्रलोभन दिए हैं जिन्हें अब पूरा करना उनके गले की फांस बन रही है। यहीं नहीं कटारिया ने इस पूरे प्रकरण में गहलोत सरकार को आरोपों को सिद्ध करने के लिए खुली चुनौती दी है। कटारिया ने मुख्यमंत्री गहलोत पर आरोप लगाए हैं कि वो अपनी अंदरूनी गुटबाजी को छिपाने के लिए षड्यंत्र कर रहे हैं। कटारिया ने कहा कि मुख्यमंत्री को घबराने की क्या आवश्यकता हैं यदि वो पूर्ण बहुमत रखते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की घबराहट की वजह उनकी सरकार में अंदरूनी विद्रोह होना बताया। बीजेपी कभी ऐसे कार्यों में रूचि नहीं रखती है, यदि किसी व्यक्ति ने इस तरह का कार्य किया है तो उस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

गहलोत ने भाजपा पर लगाए आरोप

1. कोरोना से जंग में हमने सब को साथ लेकर काम किया। लेकिन बीजेपी के लोगों को समझना पड़ेगा कि ये महामारी है, कोविड नहीं देखता की वो कांग्रेस का है या बीजेपी का।
2. बीजेपी के नेताओं ने मानवता की सारी हदें तोड़ दी हैं। एक तरफ तो हम जीवन बचाने में लगे हैं दूसरी तरह वे सरकार गिराने में लगे हैं।
3. मुझे, मेरे मंत्री, विधायकों को सरकार बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। हमारा ध्यान पूरी तरह से कोरोना की जंग पर होना चाहिए। हम उसी में लगे रहते हैं। लेकिन ये लोग सरकार कैसे गिरे, किस प्रकार से तोड़-फोड करें, खरीद-फरोख्त करें, इन तमाम काम में लगे हुए हैं।
4. बीजेपी के नेताओं को इतना अहम, घमंड आ गया है, अहंकार है कि खुलकर देश के सामने आ गए हैं। धर्म के नाम पर, जाती के नाम पर, लोकतंत्री की हत्या करने में लगे हैं। विभिन्न प्रदेशों में इन्होंने जब-जब मौका मिला, वहां कांग्रेस की सरकार नहीं बनने दी।
5. महाराष्ट्र में तो कमाल ही हो गया, जब सरकार बनी, बहुमत नहीं था लेकिन शपथ दिला दी गई। मोदी जी ने भी सुबह 7 बजे शपथ लेते ही बधाई का ट्वीट कर दिया।
6. मैं उम्मीद करता हूं कि गुलाबचंद कटारिया की ऐसी सोच नहीं होगी। वो आरएसएस के काठी नेता हैं। बीजेपी के बहुत सीनियर नेता है और न हम उनको लेने वाले हैं।
7. ये सतीश पूनिया हों, राजेंद्र राठौड हों, ये जिस प्रकार का खेल अपने केंद्रीय नेताओं के इशारे पर खेल रहे हैं, सरकार को गिराने के लिए, जनता समझ गई है।
8. बहुत करीबी है तो कहेंगे आपके लिए एक्स्ट्रा ध्यान रख लेंगे, इसका मतलब एक्स्ट्रा मदद कर देंगे। जिस प्रदेश में आज तक इसतरह की परम्परा कभी नहीं। अन्य प्रदेशों में हुई, वैसी कभी राजस्थान में हॉर्स ट्रेडिंग नहीं हुई।
9. बीएसपी को हमने मिलाया इसको लेकर कमेंट करते हैं, तो बीएसपी पूरी मर्ज हुई है हमारे यहां। कोई हॉर्स ट्रेडिंग नहीं हुई। कानून कहता है कि किसी पार्टी को दो-तिहाई बहुमत है और वह अलग होना चाहे तो हो सकता है। जिस रूप में इन्होंने जो खेल खेला है, वो सब के सामने है।
10. ये लोग वो है जो आज लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं, लोगों को डरा रखा है, धमका रखा है। बोलने पर कतराते हैं, फोन पर बात करते वाट्सएप पर बात करते हैं। अब तो लोग बात करने से डरते हैं।

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