सुनीता यादव ने ‘मैं सरकार की नौकरी करती हूं किसी के बाप की नहीं’ कहते हुए इस्तीफा दे दिया

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

ये इतिहास के समय से चला आ रहा है कि महिलाओं ने जब भी आलाकमानों के गिरेबान पकड़े हैं तब-तब क्रांति आयी है। अब उदाहरण के तौर पर सूरत की ही इस खबर को पढ़ लीजिए जहाँ एक महिला कॉन्स्टेबल ने एक मंत्री के बेटे को रोक दिया तो उसे तमाम धमकियों के साथ इस्तीफा देने को मजबूर कर दिया गया।

ऐसा नहीं है कि इस तरह का पहला किस्सा आपके सामने आया है ऐसे अभी और भी आएंगे और आये होंगे लेकिन इन सब में इन बहादुर महिलाओं ने जिस तरह डील किया है ये वाकई जांबाजी की निशानी है।

मंत्री के बेटे ने लॉकडाउन का उल्लंघन किया था

दरअसल मंत्री कुमार कनाणी का बेटा और उसके मित्रों ने लॉकडाउन का कथित रूप से उल्लंघन कर रहे थे और जब उनको टोका जाने लगा तब कॉन्स्टेबल सुनीता को धमकी भी दी।

 

शुक्रवार रात 10.30 बजे के करीब मंत्री के कई समर्थक बिना मास्क लगाए सड़क पर घूम रहे थे। रोके जाने पर समर्थक बिदक गए, उन्होंने मंत्री के बेटे को फोन मिला दिया। जिसके बाद मंत्री का लड़का अपने पिता की गाड़ी लेकर समर्थकों के पास पहुंच गया।

गाड़ी में पिता का नाम और विधायक पद लिखा था। लेकिन यह महिला पुलिस कर्मी बिना डरे अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए मौके पर डटी रही।

आपको इसी जगह 365 दिन खड़ा रखने की ताकत है हमारे पास

महिला सिपाही ने उनकी एक नहीं सुनी और पिता से बात कराने के लिए कहा। सुनीता यादव ने मंत्री से सवाल किया कि जब शहर में कर्फ्यू लगा है तो आपके बेटे बिना मास्क पहने बाहर कैसे निकले? क्या नियम-कानून सबके लिए अलग-अलग हैं? महिला ने ये मंत्री से ये सवाल पूछा कि जब आप गाड़ी में मौजूद नहीं हैं तो आपके नाम की नेम प्लेट कैसे लगी हैं?

इसके बाद मंत्री के बेटे ने कॉन्स्टेबल को उसके ट्रांसफर और वर्दी उतरवाने की धमकी दी थी। धमकी देते हुए कहा था, “आपको इसी जगह 365 दिन खड़ा रखने की ताकत है हमारे पास।”

मैं सरकार की नौकरी करती हूं किसी के बाप की नहीं

धमकी के बाद सुनीता ने मंत्री के बेटे से कहा, “मैं सरकार की नौकरी करती हूं किसी के बाप की नहीं, वह और ही लोग होंगे जो नेता और मंत्रियों की गुलामी करते हैं। वर्दी तेरे बाप की नहीं है।”

इस विवाद का पूरा ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। जानकारी के मुताबिक इस घटना के बाद सुनीता ने इस्‍तीफा सौंप दिया है। बताया जा रहा है कि प्रकाश और उसके साथियों ने महिलाकर्मी को धमकाया और दुर्व्‍यवहार किया और इसी से व्यथित होकर महिला पुलिसकर्मी ने इस्तीफा दिया।

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