अब शिक्षकों के राय से नहीं बल्कि अभिभावकों के सुझाव से खुलेंगे स्कूल-कॉलेज

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कोरोना महामारी के कारण मार्च के महीने से बंद स्कूलों को खोलने का निर्णय अब तक केंद्र सरकार द्वारा नहीं किया गया है। देश में संक्रमण के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है।

ऐसे में स्कूलों को फिलहाल खोलना बच्चों के स्वास्थ्य को खतरे में डालना हो सकता है। ऐसे में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है कि स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला वो अभिभावकों की राय से ही करेंगे।

जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ना हो

अब फिर से देश में स्कूल और कॉलेज को खोलने के लिए सरकार ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। फिलहाल सरकार जल्दबाजी में कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहती जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने राज्यों के शिक्षा सचिवों से अभिभावकों से रायशुमारी करने के निर्देश दिए हैं।

अनलॉक-3 की गाइडलाइन से भी जोड़कर देखा जा रहा है

एमएचआरडी के उपसचिव राजेश सम्प्ले का पत्र राज्य सरकार को मिल गया है। केंद्र सरकार ने स्कूल खोलने के समय के साथ-साथ अभिभावकों से और सुझाव भी मांगे हैं।मंत्रालय की इस कवायद को एक अगस्त से अनलॉक- 3 की गाइडलाइन से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

वैसे भी अनलॉक-2 के तहत जारी गाइडलाइन की समयसीमा 31 जुलाई तक ही है जिसमें स्कूलों को बंद रखने के निर्देश थे। ऐसे में मंत्रालय की इस कवायद को काफी अहम माना जा रहा है।

स्कूलों को अगस्त से ही खोलने की बात चल रही थी

मंत्रालय ने राज्यों से अभिभावकों की राय से जुड़ी यह पूरी रिपोर्ट 20 जुलाई तक देने को कहा है। हालांकि अब तक स्कूलों को अगस्त से ही खोलने की बात चल रही थी। अब देखना होगा कि आखिर कब से दोबार बच्चे अपना बैग लेकर सुरक्षित तरीके से स्कूल और कॉलेज जा सकते हैं।

Next Post

बेटे को रोज फ्लाइट से मां का दूध लाकर देता है ये पिता

Tue Jul 21 , 2020
नई दिल्ली कोरोना कॉल में ये खबर हमें बड़ी राहत देती है। किसी नवजात की अपनी मां से एक हजार मील के दूरी। पर इस दूरी में भी उसे मां का दूध नसीब हुआ। लेह में पैदा हुए बच्चे को एक माह से दिल्ली से फ्लाइट से माँ का दूध […]