चीन ने अब लिपुलेख में तैनात किए एक हजार जवान

नई दिल्ली

ड्रैगन की चाल… लिपुलेख में मिलती है भारत, नेपाल और चीन की सीमाएं, भारत ने भी एक हजार सैनिक लगाए

लिपुलेख एक बार फिर से सुर्खियों में है और इस बार वहां नेपाल नहीं, बल्कि चीन केंद्र है। लद्दाख में चीन दावा कर रहा है कि उसने वहां से अपनी सेना हटा ली है लेकिन लिपुलेख में चीन के एक हजार सैनिक तैनात होने की खबर सामने आई है। चीन ने लिपुलेख में एलएसी के पार एक हजार सैनिक तैनात किए हैं। लिपुलेख एक ऐसी जगह है, जो भारत, नेपाल और चीन की सीमाओं को मिलाता है।

ऐसी खबरें आ रही हैं कि चीन ने एक बटालियन यानि कि एक हजार से ज्यादा जवान लिपुलेख के पास तैनात कर दिए हैं और इसके जवाब में भारत ने भी एक हजार जवान अपनी सीमा पर तैनात कर दिए हैं। लद्दाख के बाद अब चीन लिपुलेख में अपनी सेना तैनात कर रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएलए के सैनिक लिपुलेख में एलएसी पर तैनात दिखाई दिए हैं।

इधर नेपाल लगातार कर रहा लिपुलेख पर दावा

नेपाल लगातार लिपुलेख में अपना दावा कर रहा है। भारत ने मानसरोवर यात्रा के लिए इस इलाके में नया रूट बनाया है। नेपाल ने यहां भारत की बनाई 80 किलोमीटर की सड़क पर एतराज जताया था। इसके बाद नेपाल ने अपने यहां नया नक्शा पास कर विवाद बढ़ा दिया। इसमें कालापानी, जिसमें लिपुलेख भी शामिल था उसे अपना हिस्सा बताया था। अब भारत ने इस इलाके में अपनी सेना बढ़ा दी है, जिससे तनाव की स्थिति बनी हुई है।

लद्दाख से अभी तक पीछे नहीं हटी चीनी सेना

भारत और चीन के बीच पिछले तीन महीनों से लद्दाख की वास्तविक रेखा नियंत्रण पर तनाव चल रहा है। अभी भी वहां पर चीनी सेना के तैनात होने की पुष्टि की जाती है। 15 जून को चीनी सेना की तरफ से हमला किया गया था, ऐसा पिछले 45 सालों में पहली बार हुआ था। इस हिंसा में भारत के 20 जवान शहीद हो गए और चीन के 40 जवान मारे जाने की खबर थी। उसके बाद कमांडर स्तर पर चीनी और भारतीय सेनाओं के बीच कई बार वार्तालाप हुई, जिसमें दोनों देशों की ओर से सेना को हटाने की सहमति बनी। चीन ने दावा भी किया कि उसने सीमा से अपने सैनिकों को हटा दिया है लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय और भारतीय सेना ने इस बात का खंडन किया।

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