कमल नाथ की ‘रामभक्ति’ से मुस्लिम संगठन खफा

प्रजातंत्र ब्यूरो | भोपाल

सोशल मीडिया पर कांग्रेस के रुख पर छिड़ी हुई है बहस

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पक्ष में खुलकर दिए गए बयानों से मुस्लिम संगठन जामिया निजामिया ने गम्भीर ऐतराज़ जताया है। जामिया-निजामिया हैदराबाद ने एक तरह से फतवा जारी करते हुए कहा है कि कौम कमलनाथ और कांग्रेस के भरोसे न रहे। अपने इलाके में साथ देने वाले नुमाइंदे को तौलकर अपना वोट दे।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मप्र में 27 विधानसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से ऐन पहले जिस तरह मन्दिर निर्माण का समर्थन किया उससे मुस्लिम पक्ष ही नहीं कई कांग्रेस के नेता तक हैरान हैं। अब इस मामले पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है।

जामिया निजामिया के हैदराबाद मुख्यालय से जारी फरमान में महजबी नेताओं ने साफ कहा है कि पिछले कुछ अरसे से कांग्रेस और कमलनाथ ने जिस तरह से मुसलमानों से मुंह मोड़ा है उससे साफ है कि अब हमारा साथ देना उनकी सियासत के हक में नही है। कौम को कभी भी कमलनाथ पर यकीन नहीं था फिर भी जिस तरह से उन्होंने कौम के नुमाइंदों के आगे हिंदुओं से निपट लेने की दलील दी थी, उस पर हमने भी खुल कर उनका हाथ थामा था। पिछले एक हफ्ते से हम उनकी बेखौफ हिंदूपरस्ती के नमूने मीडिया में देख रहे है। कभी हनुमानजी की पूजा, कभी राम मंदिर का इस्तकबाल। उनके बयानों में कौम की तकलीफ के लिए ज़रा भी हमदर्दी नहीं थी। उनकी बातों ने शक की हर बुनियाद को साफ कर दिया है कि मुसलमान सिर्फ उनके लिए सियासती प्यादे हैं जिन्हें वो अपनी हुक्मरानी में कुरबान कर सकते हैं। आने वाले समय में कौम का रुख साफ है। इस दौर में हमें अपने लिए सोच समझ कर रहनुमा ढूंढ़ना होगा। सोशल मीडिया पर यह विवाद हर दिन नए विवाद को जन्म दे रहा है।

 

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