शाह फैसल ने अपनी ही पार्टी अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफ़ा,अब सिविल सेवा में वापस आने की अटकलें

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देकर राजनीतिक दल बनाने वाले कश्मीरी युवक शाह फैसल अपना फैसला बदलने को लेकर चर्चा में हैं।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पीएसए के तहत हिरासत में लिए गए फैसल को हाल ही में रिहा किया गया है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे दोबारा प्रशासनिक सेवा में लौट सकते हैं।

फैसल का नाम आईएएस की सूची से हटाया नहीं गया है

दरअसल, शाह फैसल का इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है। फैसल का नाम अब भी जम्मू-कश्मीर के कैडर के आईएएस की सूची से हटाया नहीं गया है। दूसरी तरफ यह भी चर्चा है कि आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका जा सकते हैं।

दिलचस्प बात तो यह है कि फैसल के इस्तीफा देने और जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट नाम की राजनीतिक पार्टी बनाने के बावजूद उनका नाम जम्मू-कश्मीर के कैडर आईएएस की सूची से नहीं हटाया गया है।

वहीं फैसल ने राजनीति छोड़ने का संकेत रविवार को ही दे दिया था जब उन्होंने ट्विटर पर अपनी निजी जानकारी संपादित करते हुए अपनी राजनीतिक सम्बद्धता के बारे में उल्लेख हटा दिये थे।

धारा 370 हटाने के बाद फैसल भी हिरासत में थे

पिछले साल 5 अगस्त को जब जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने का फैसला हुआ था तब बाकी नेताओं की तरह शाह फैसल को भी हिरासत में रखा गया था। कुछ वक्त पहले ही उन्हें छोड़ा गया है, जिसके बाद शाह फैसल ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है।

जम्मू एंड कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के वरिष्ठ नेता फिरोज पीरजादा के मुताबिक, ”ये तय है कि शाह फैसल ने खुद को अलग कर लिया है और पार्टी नेताओं ने मुझे नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी है।”

मुझे देशद्रोही के तौर पर नहीं देखा जा सकता है

एक न्यूज़ चैनल को इंटरव्यू देते हुए फैसल ने कहा, “जो भी स्थिति हो, जीवन रुक नहीं सकता। हमारे सामने गरीबी, अशिक्षा, असमानता और बेरोजगारी की बड़ी चुनौतियां है। अब इस दिशा में कुछ करने की जरूरत है। अगली बार कहां जाऊंगा यह तो समय ही बताएगा।

शाह फैसल ने इस बाबत आगे कहा कि मुझे देशद्रोही के तौर पर नहीं देखा जा सकता है, जिसने मुझे जीवन में सब कुछ दिया है। मैं आगे बढ़ना चाहता हूं और नए सिरे से शुरुआत करना चाहता हूं।

रेप की घटना पर ट्वीट करने पर अनुशासनिक कार्यवाही शुरू की थी

कहा यह जा रहा है कि फैसल का सिविल सर्विसेज से इस्तीफा आज तक स्वीकार नहीं किया गया है क्योंकि केंद्र सरकार ने जुलाई 2018 में रेप की एक घटना पर ट्वीट किए जाने पर फैसल के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही शुरू कर दी थी।

आईएसएस ऑफिसरों की केंद्र सरकार की वेबसाइट पर शाह फैसल को अब भी सेवारत आईएएस ऑफिसर बताया जा रहा है। हालांकि, कानून कहता है कि अगर कोई ऑल इंडिया सर्विस ऑफिसर 48 घंटे से ज्यादा वक्त तक हिरासत में रखा जाता है तो उसे खुद-ब-खुद नौकरी से सस्पेंड मान लिया जाता है।

बहरहाल, 10 अगस्त, 2020 को जेकेपीएम ने कहा कि फैसल ने पार्टी और पॉलिटिक्स, दोनों छोड़ने का फैसला किया। पार्टी के वाइस-प्रेजिडेंट फिरोज पीरजादा को पार्टी की तत्काल जिम्मेदारी दे दी गई है।

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