ह्यूमन कम्प्यूटर शकुंतला देवी के बाद मिलिये हैदराबाद के इस 21 साल के इस ‘ह्यूमन कैलकुलेटर’ से

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

 

हाल ही में एक फ़िल्म आई थी ‘शकुंतला देवी’ के जीवन पर बेस्ड जिसमें बताया गया था कि कैसे एक लड़की मैथ के बड़े-बड़े प्रॉब्लम्स को चुटकी में हल कर देती है।

इस कारण उन्हें ह्यूमन कम्प्यूटर कहा गया था। यानी कम्प्यूटर से भी तेज प्रॉब्लम सॉल्व करने वाली महिला अब हम आपको उस व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे है जिसे ह्यूमन कैलकुलेटर कहा जा रहा है।

बिना कैलकुलेटर के भी बड़ी कैलकुलेशन कर सकते हैं

आमतौर पर लोगों को गणित के सवाल हल करने या लंबी कैलकुलेशन करने के लिए कैलकुलेटर का इस्‍तेमाल करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी लोग होते हैं, जो बिना कैलकुलेटर के भी बड़ी कैलकुलेशन कर सकते हैं। लेकिन एक लड़का है जिसने हाल ही में दुनिया के सबसे तेज ह्यूमन कैलकुलेटर का टाइटल जीता है।

दरअसल लंदन में पिछले दिनों माइंड स्‍पोर्ट्स ओलंपियाड 2020 का आयोजन हुआ था। जिसमें मानसिक गणना विश्व चैम्पियनशिप में भारत के लिए पहला स्वर्ण जीतने के बाद हैदराबाद के बीस वर्षीय ‘नीलकंठ भानु प्रकाश’ दुनिया के सबसे तेज मानव कैलकुलेटर के रूप में जाने जा रहे हैं।

50 लिमका वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है

नीलकंठ भानु प्रकाश ने भारत के लिए गोल्‍ड मेडल जीता है। इस प्रतियोगिता में नीलकंठ ने पहला स्‍थान पाया है। लंदन में हुई इस प्रतियोगिता में 13 देशों ने हिस्‍सा लिया था। नीलकंठ भानु प्रकाश ने दिल्ली के सेंट स्‍टीफन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए नीलकंठ ने बताया, “दुनिया का सबसे तेज मानव कैलक्यूलटर होने के लिए मेरे पास चार वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं और 50 लिमका वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है।”

आगे नीलकंठ बताते हैं कि मेरा दिमाग कैलक्यूलेटर से जल्दी कैलक्यूलेट करता है इससे पहले ये खिताब शकुंतला देवी और स्कॉट फ्लैंसबर्ग के नाम रह चुके हैं। ये देश के लिए गर्व की बात है। भारत को मैथमैटिक्स के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने के लिए मैंने अपने हिस्से का काम किया है।

13 देशों के लोगों ने भाग लिया था

नीलकंठ का दावा है कि यह पहली बार है जब भारत ने मेंटल कैलकुलेशन वर्ल्‍ड वर्ल्‍ड चैंपियनशिप में गोल्‍ड मेडल जीता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि लंदन में 15 अगस्त 2020 को हुए एमएसओ में मैंने गोल्ड मेडल जीता है।

हर साल लंदन में होने वाला एमएसओ ए बहुत बड़ा इंटरनेशल कॉम्पिटिशिन है जिसमें मेंटल स्किल और माइंड गेम का इस्तेमाल किया जाता है। ये किसी भी फिजिकल स्पोर्ट में होने वाले ओलंपिक के बराबर ही है। एमएसओ में 13 साल से लेकर 57 साल कि उम्र के लोग शामिल हुए थे। इस दौरान 13 देशों के लोगों ने भाग लिया था।

नीलकंठ एक मैथ लैब बनाना चाहते हैं

नीलकंठ भानु प्रकाश बच्‍चों को ऑनलाइन क्‍लासेज के जरिये पढ़ाते भी हैं। उनका कहना है कि वह एक मैथ लैब बनाना चाहते हैं। इसके जरिये वह हजारों बच्‍चों तक अपनी पहुंच बनाना चाहते हैं।

इसके जरिये वह बच्‍चों को मैथ पढ़ाकर उससे उनके प्‍यार को बढ़ाना चाहते हैं। वह कहते हैं कि भारत के सरकारी स्‍कूल में पढ़ने वाले प्रत्‍येक 4 में से 3 बच्‍चों को मैथ समझने में दिक्‍कत होती है।

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