चीन के डिटेंशन कैंप में कैद हैं 80 लाख उइगर मुसलमान

पेइचिंग

ड्रैगन का डरावना सच…. खुफिया दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र चलाने के नाम पर लाखों मुस्लिमों को किया जा रहा है प्रताड़ित

चीन ने अपने डिटेंशन कैंप्स में शिनजियांग प्रांत के 80 लाख उइगर मुसलमानों को कैद कर रखा है। पेइचिंग के एक खुफिया दस्तावेज में बताया गया है कि चीनी सरकार अपनी सक्रिय श्रम और रोजगार नीतियों के माध्यम शिनजियांग के लोगों के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन को बेहतर बना रही है। इस दस्तावेज में यह भी कहा गया है कि लगभग 8 मिलियन (80 लाख) मुसलमानों को अलग-अलग डिटेंशन कैंप्स में रखा गया है।

द सन की रिपोर्ट के अनुसार, शिनजियांग में उइगर और अन्य समुदायों के लिए चीनी कम्युनिस्ट पार्टी बड़े पैमाने पर डिटेंशन सेंटर को चला रही है। इन कैंप्स में चीन राजनीतिक असंतोष को दबाने का काम करता है। इसके अलावा उइगर मुसलमानों को प्रताड़ित करने का काम भी किया जा रहा है। चीनी सरकार इसे व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र का नाम दे रही है। वे इस डिटेंशन कैंप्स को व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र बताते हैं। चीन सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिणी शिनजियांग में 2014 से 2019 तक 4,15,000 उइगर मुस्लिमों को कैद कर रखा गया था। इनमें से कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें एक से ज्यादा बाद कैद किया गया है। कुल मिलाकर अभी 8 मिलियन से ज्यादा लोग चीन के डिटेंशन कैम्प्स में कैद हैं।

कैद से भागे लोगों ने बयां की दास्तां

शिनजियांग की 29 साल की महिला मिहरिगुल तुर्सुन ने अमेरिकी राजनेताओं को बताया कि वह 2018 में चीन के इस कैंप से भाग निकली थीं। उन्होंने राजनेताओं से बातचीत में कहा कि इस कैंप में चीनी अधिकारी इतनी यातनाएं देते थे कि मन करता था कि इसके बजाए मैं मर जाऊं या उनसे अपनी मौत की भीख मांगू। एक और सर्वाइवर कायरात समरकंद ने कहा कि उन्हें प्रताड़ित करने के लिए धातु का बना बख्तरबंद पहनाया जाता था, जिसके बाद उनके हाथ-पैर काम करना बंद कर देते थे।

कौन हैं उइगर मुस्लिम


उइगर मध्य एशिया में रहने वाले तुर्क समुदाय के लोग हैं जिनकी भाषा उइगर भी तुर्क भाषा से काफी मिलती-जुलती है। उइगर तारिम, जंगार और तरपान बेसिन के हिस्से में आबाद हैं। उइगर खुद इन सभी इलाकों को उर्गिस्तान, पूर्वी तुर्किस्तान और कभी-कभी चीनी तुर्किस्तान के नाम से पुकारते हैं। इस इलाके की सीमा मंगोलिया, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत के साथ मिलती है।

पाकिस्तान समेत मुस्लिम देशों ने साध रखी है चुप्पी

उइगर मुसलमानों पर अत्याचार को लेकर अभी तक किसी भी मुस्लिम देश ने चीन का खुलकर विरोध नहीं किया है। दुनियाभर के मुसलमानों के मसीहा सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के मुंह से उइगरों को लेकर आज तक एक शब्द नहीं निकला है। ये सभी देश इस मामले में पड़कर चीन की दुश्मनी मोल नहीं लेना चाहते। जबकि, धरती के दूसरे किसी भी हिस्से में मुसलमानों को लेकर इनका रवैया एकदम सख्त रहता है।

उइगर मामले पर अमेरिका ने उठाया सख्त कदम

अमेरिका ने 9 जुलाई को उइगर मुसलमानों के मानवाधिकार हनन के मामले में चीनी कम्युनिस्ट पाट के तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिका ने पहले ही चीन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कहा जा रहा है कि अमेरिका आगे भी कई अन्य चीनी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का मन बना रहा है।

 

 

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