निकाय चुनाव में आरक्षण पर इंदौर हाई कोर्ट ने भी दिया स्टे 

इंदौर। नगर निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर ग्वालियर हाईकोर्ट पहले ही स्टे दे चुकी है। वहीं, सोमवार को इंदौर हाई कोर्ट ने भी नगर निकाय चुनाव आरक्षण को लेकर जारी नोटिफिकेशन को लेकर दायर की गई याचिका पर स्टे दे दिया है। कोर्ट का कहना है कि बार-बार एक ही वर्ग के लिए आरक्षण करना अन्य वर्ग को चुनाव से वंचित रखना है। आरक्षण में रोटेशन प्रक्रिया को फॉलो किया जाना चाहिए।
इंदौर हाई कोर्ट के अधिवक्ता भास्कर अग्रवाल ने बताया कि नगर निकाय चुनाव में आरक्षण प्रक्रिया को लेकर पार्षद नरोत्तम चौधरी और पूर्व पार्षद सुरेंद्र कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका में कहा गया था कि नगर निकाय चुनाव में जिन सीटों के लिए आरक्षण किया गया है, उनमें रोटेशन बिल्कुल भी नहीं है। आरक्षण डिक्लियरेशन लंबे समय से वही चला आ रहा है। जैसे कोई सीट लंबे समय पहले एससी या एसटी  के लिए आरक्षित की गई थी तो वह अब तक उसी वर्ग के लिए आरक्षित है, जबकि संविधान के अनुसार रोटेशन प्रक्रिया को अपनाया जाना चाहिए। ऐसा करने से हर वर्ग को लाभ मिल सकेगा। ग्वालियर कोर्ट के आदेश के अनुसार ही इंदौर कोर्ट ने भी आरक्षण को लेकर स्टे दिया है। कोर्ट ने आरक्षण के लिए रोटेशन प्रक्रिया लागू करने को कहा है।

Next Post

नेपाल: प्रचंड अपनी पार्टी के नाम से 'माओ' शब्‍द हटाएंगे

Mon Mar 15 , 2021
काठमांडू। नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी सेंटर) के प्रमुख पुष्प कमल दहल प्रचंड ने अपनी पार्टी के नाम के आगे से माओवादी सेंटर हटाने का प्रस्ताव किया है। इसको हटाने के पीछे उनका तर्क है कि कम्युनिस्ट विचारधारा वाले ऐसे लोग, जो माओ को पसंद नहीं करते हैं, उन सभी को […]