मन

– शमशेर बहादुर सिंह

13 जनवरी 1911 को देहरादून में जन्म। चुका भी हूँ मैं नहीं, इतने पास अपने, उदिता: अभिव्यक्ति का संघर्ष, बात बोलेगी, काल तुझसे होड़ है मेरी आदि प्रमुख कृतियां। 12 मई 1993 को निधन।

काव्यांश

मन

मोह मीन गगन लोक में
बिछल रही
लोप हो कभी अलोप हो कभी
छल रही।
मन विमुग्ध
नीलिमामयी परिक्रमा लिये,
पृथ्वी-सा घूमता
घूमता
(दिव्यधूम तप्त वह)
जाने किन किरणों को चूमता,
झूमता-
जाने किन…
मुग्ध लोल व्योम में
मौन वृत्त भाव में रमा
मन,
मोह के गगन विलोकता
भाव-नीर में अलोप हो
कभी
लोप हो,
जाने क्या लोकता
मन!

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