ऐसे हुआ था माता पार्वती और शिव जी का विवाह, जानें पौराणिक कथा

आज का दिन सोमवार है हिंदु धर्म में मान्‍यता के अनुसार सोमवार के लिए भगवान शिवकी अराधना का विशेष दिन होता है ।देवा के देव महादेव बड़ें ही भोले है कहा जाता है कि वह जल्‍दी ही प्रसन्‍न हो जातें हैं इसलिए उन्‍हें भोलेनाथ के नाम से भी जाना जाता है । ऐसा भी कहा जाता है कि भगवान शिव ही दुनिया को चलाते हैं। वह जितने भोले हैं उतने ही गुस्‍सै वाले भी हैं। शास्‍त्रों के मुताबिक सोमवार (Monday) का दिन भगवान शिव को समर्पित है। शिव जी को प्रसन्‍न करने के लिए लोग व्रत करते हैं। क्या आपको पता है कि भगवान शिव का विवाह बहुत ही अनूठा और और अद्भूत था। शिव विवाह से जुड़ी कई कथाएं प्रचलित हैं। कहते हैं कि भगवान शिव का विवाह बहुत ही अलग ढंग से हुआ था और उनकी बारात भी सबसे अलग थी। आइए जानते हैं शिव विवाह के बारे में।

शिव विवाह पौराणिक कथा-
देवो के देव महादेव के विवाह के बारे में पुराणों में वर्णन मिलता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने सबसे पहले सती से विवाह किया था। भगवान शिव का यह विवाह बड़ी जटिल परिस्थितियों में हुआ था। सती के पिता दक्ष भगवान शिव से अपने पुत्री का विवाह नहीं करना चाहते थे लेकिन ब्रह्मा जी के कहने पर यह विवाह सम्पन्न हो गया। एक दिन राजा दक्ष ने भगवान शिव का अपमान कर दिया जिससे नाराज होकर माता सती ने यज्ञ में कूदकर आत्मदाह कर ली। इस घटना के बाद भगवान शिव तपस्या में लीन हो गए। उधर माता सती ने हिमवान के यहां पार्वती के रूप में जन्म लिया।

तारकासुर नाम के एक असुर का उस समय आतंक था। देवतागण उससे भयभीत थे। तारकासुर को वरदान प्राप्त था कि उसका वध सिर्फ भगवान शिव की संतान ही कर सकती है। उस समय भी भगवान शिव अपनी तपस्या में लीन थे। तब सभी देवताओं ने मिलकर शिव और पार्वती के विवाह की योजना बनाई। भगवान शिव की तपस्या को भंग करने के लिए कामदेव को भेजा गया लेकिन वह भस्म हो गए। देवताओं की विनती पर शिव जी पार्वती जी से विवाह करने के लिए राजी हुए।

शिव जी की बारात
विवाह की बात तय होने के बाद भगवान शिव की बारात की तैयार हुई। इस बारात में देवता, दानव, गण, जानवर सभी लोग शामिल हुए। भगवान शिव की बारात में भूत पिशाच भी पहुंचे। ऐसी बारात को देखकर पार्वती जी की मां बहुत डर गईं और कहा कि वे ऐसे वर को अपनी पुत्री को नहीं सौंप सकती हैं। तब देवताओं ने भगवान शिव को परंपरा के अनुसार तैयार किया, सुंदर तरीके से श्रृंगार किया इसके बाद दोनों का विवाह सम्पन्न हुआ ।

नोट– उपरोक्त दी गई जानकारी व सूचना सामान्य उद्देश्य के लिए दी गई है। हम इसकी सत्यता की जांच का दावा नही करतें हैं यह जानकारी विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों (Astrologers) , धर्मग्रंथों, पंचाग आदि से ली गई है । इस उपयोग करने वाले की स्वयं की जिम्मेंदारी होगी ।

Next Post

ध्वनि भानुशाली के जन्मदिन पर लॉन्च हुआ गाना 'राधा'

Mon Mar 22 , 2021
मुंबई। मशहूर गायिका ध्वनि भानुशाली (Dhvani Bhanushali) आज अपना 23वां जन्मदिन मना रही हैं. बहुत कम समय में म्यूजिक इंडस्ट्री में ध्वनि ने वो मुकाम हासिल किया है जो हर किसी के बस की बात नहीं है. अब तक के करियर में ध्वनि, बॉलीवुड की कई फिल्मों के लिए हिट […]