20 से अधिक देशों में गंभीर भुखमरी फैलने के आसार

चिन्ता |

हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले महीनों में 20 से अधिक देशों में गंभीर भुखमरी फैलने के आसार हैं। यमन, दक्षिण सूडान और उत्तरी नाइजीरिया सबसे शीर्ष पर हैं और ये देश गंभीर भुखमरी का सामना कर रहे हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश प्रभावित देश अफ्रीका में हैं।

– दयानिधि, स्वतंत्र लेखक

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने नई रिपोर्ट के द्वारा आगाह करते हुए कहा है कि आने वाले महीनों में 20 से अधिक देशों में गंभीर भुखमरी फैलने के आसार हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यमन, दक्षिण सूडान और उत्तरी नाइजीरिया सबसे शीर्ष पर हैं और ये देश गंभीर भुखमरी का सामना कर रहे हैं। हालांकि इनमें से अधिकांश प्रभावित देश अफ्रीका में हैं, लेकिन दुनिया के अधिकांश क्षेत्रों में एशिया, सीरिया और मध्य पूर्व में लेबनान, लैटिन अमेरिका और कैरेबियन में हैती तक में भुखमरी बढ़ने के आसार हैं। पहले से ही 3.4 करोड़ से अधिक लोग भूख और आपातकालीन परिस्थितियों से जूझ रहे हैं, जिसका अर्थ है कि दुनिया भुखमरी से एक कदम दूर हैं।

एफएओ के महानिदेशक क्व डोंगयु ने कहा भुखमरी की भयावहता चिंताजनक है। हम सभी की यह ज़िम्मेदारी है कि हम अब लोगों के जीवन बचाने, आजीविका की सुरक्षा करने और सबसे खराब स्थिति को रोकने के लिए तेजी से कार्य करें। क्व डोंगयु ने कहा कि दुनिया के कई भागों में रोपाई का मौसम शुरू हुआ है या शुरू होने वाला है। हमें तेजी से काम करके इस अवसर को संरक्षित करने, स्थिर करने और यहां तक कि संभवतः स्थानीय खाद्य उत्पादन को बढ़ाने में मदद करनी चाहिए।

कोविड-19 से दुनिया भर के कई देश प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से कमजोर होंगे। लैटिन अमेरिका में आर्थिक गिरावट के कारण इससे उबरने में सबसे अधिक समय लगेगा। मध्य पूर्व में, यमन, सीरिया और लेबनान के इन देशों की मुद्रा की कीमत तेजी से कम हो रही हैं।

डब्ल्यूएफपी के कार्यकारी निदेशक डेविड बेस्ले ने कहा हम अपनी आंखों के सामने तबाही देख रहे हैं। अकाल से प्रेरित, जलवायु का प्रभाव और कोविड-19 महामारी के कारण भूख लाखों परिवारों के दरवाजे पर दस्तक दे रही है।

उन्होंने कहा हमें भुखमरी से लाखों लोगों को बचाने के लिए तत्काल तीन चीजों को करने आवश्यकता है। दुनिया के कुछ देशों में चल रही लड़ाई को रोकना होगा, कमजोर समुदायों तक जीवन-रक्षक सहायता देना और सबसे ऊपर हमें दानदाताओं की जरूरत है जो इस संकट से निपटने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संघर्ष, हिंसा और कोविड 19 ने खाद्य असुरक्षा बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है। मार्च से जुलाई 2021 के बीच भूख “हॉटस्पॉट” में बढ़ती खाद्य असुरक्षा में अनुमानित वृद्धि के पीछे निम्नलिखित कारण हैं कई देश संघर्ष और हिंसा के दौर से गुजर रहे हैं जिनमें से अफगानिस्तान के कुछ हिस्से, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, मध्य साहेल, इथियोपिया, उत्तरी नाइजीरिया, उत्तरी मोजाम्बिक, सोमालिया, दक्षिण सूडान और सूडान में खाद्य असुरक्षा बढ़ने के पूरे आसार हैं।

कोविड-19 से दुनिया भर के कई देश प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से कमजोर होंगे। लैटिन अमेरिका में आर्थिक गिरावट के कारण इससे उबरने में सबसे अधिक समय लगेगा। मध्य पूर्व में, यमन, सीरिया और लेबनान के इन देशों की मुद्रा की कीमत तेजी से कम हो रही हैं, जिसके कारण ये देश आसमान छूती मुद्रास्फीति के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हैं। जलवायु चरम सीमा और ला नीना से प्रभावित मौसम के अप्रैल और मई में भी जारी रहने की आशंका है, जिससे दुनिया के कई हिस्सों में भुखमरी बढ़ सकती है, जो कि अफगानिस्तान और मेडागास्कर से लेकर अफ्रीका के हॉर्न तक है। पूर्वी अफ्रीका में और लाल सागर तट पर रेगिस्तानी टिड्डी का प्रकोप चिंता का विषय बना हुआ है। दक्षिणी अफ्रीका में, अंगोला, बोत्सवाना, नामीबिया, ज़ाम्बिया और ज़िम्बाब्वे के कुछ हिस्सों में अफ्रीकी प्रवासी टिड्डी गर्मियों की फसलों को बर्बाद कर देती है। जरूरत से ज्यादा लोगों की मदद करने से कुछ देशों में बढ़ती विवशता चीजों को बदतर बना रही है।

रिपोर्ट में मौजूदा और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रत्येक भूख हॉटस्पॉट में कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है। ये खाद्य और पोषण सहायता को बढ़ाने, सूखे माहौल में उगने वाले बीजों को वितरित करने, पशुधन का उपचार और टीकाकरण करने के लिए नकद कार्य योजनाओं को लागू करना, जल-संचयन संरचनाओं के पुनर्वास और कमजोर समुदायों के लिए आय के अवसरों को बढ़ाना है। पूरे दक्षिणी सूडान में 70 लाख से अधिक लोगों के अप्रैल से जुलाई के दौरान गंभीर समस्याओं या गंभीर खाद्य असुरक्षा के दौर से गुजरने का अनुमान है। अल जावफ, अमरान और हज्जाह में, खाद्य असुरक्षा से प्रभावित लोगों की संख्या तीन गुना होने का अनुमान है। जून 2021 में इनकी संख्या 47,000 तक पहुंच जाएगी, जबकि अक्टूबर-दिसंबर 2020 में यह 16,000 थी। 160 लाख से अधिक यमनियों के जून 2021 तक गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना करने के आसार हैं, जिसमें पिछले साल के अंत से लगभग 30 लाख की वृद्धि हुई है।

संघर्ष से जूझ रहे उत्तरी नाइजीरिया में, जून से अगस्त के लिए लगाए गए अनुमानों से पता चलता है कि खाद्य असुरक्षा में जी रहे लोगों की संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि से लगभग दोगुनी 12 लाख से अधिक होने की आशंका है। अगले छह महीनों में, खाद्य और पोषण की असुरक्षा उत्तरी नाइजीरिया में काफी बढ़ सकती है। 27 लाख बुर्किना फासो के लोगों को जून और अगस्त 2021 के बीच गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना करने का अनुमान है।

(डाउन टू अर्थ)

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