मालाबार 2021: पश्चिमी प्रशांत महासागर में भारतीय नौसेना दिखा रही अपना दमखम


26 अगस्त से मालाबार नौसैन्य अभ्यास के 25 वें संस्करण की शुरुआत हो चुकी है। भारत की नौसेना, अमेरिकी नौसेना जापान के समुद्री आत्मरक्षा बल और रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के साथ 26 से 29 अगस्त 2021 तक मालाबार अभ्यास 2021 के समुद्री चरण में भाग ले रही है। भारतीय नौसेना के पोत गुआम से रवाना हुए थे जहां उन्होंने 21 से 24 अगस्त 2021 तक ऑपरेशनल टर्न अराउंड में भाग लिया। अभ्यास के इस चरण के दौरान फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पूर्वी नौसेना कमान वाइस एडमिरल एबी सिंह, एवीएसएम, वीएसएम ने अमेरिकी नौसेना में अपने समकक्षों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।

आईएनएस शिवालिक, आईएनएस कदमत तथा पी8आई गश्ती विमान कर रहे हैं भारत का प्रतिनिधित्व
भारतीय नौसेना के आईएनएस शिवालिक, आईएनएस कदमत तथा पी8आई गश्ती विमान इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं, जिनका नेतृत्व फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग ईस्टर्न फ्लीट रियर एडमिरल तरुण सोबती, वीएसएम कर रहे हैं। अमेरिकी नौसेना का प्रतिनिधित्व यूएसएस बैरी, यूएसएनएस रप्पाहनॉक, यूएसएनएस बिग हॉर्न और पी8ए गश्ती विमान के द्वारा किया जा रहा है। जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल की एक पनडुब्बी और पी1 गश्ती विमान के अलावा जेएस कागा, मुरासामे और शिरानुई इस नौसैन्य अभ्यास में हिस्सा ले रहे है, जबकि रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना का प्रतिनिधित्व एचएमएएस वाररामुंगा कर रहे हैं।

कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हो रहा संचालन
मालाबार 2021 में सतह रोधी, वायु रोधी और पनडुब्बी रोधी युद्ध अभ्यास और अन्य सैन्य व्यूह अभ्यास तथा सामरिक अभ्यास सहित कई जटिल अभ्यास किए जा रहे हैं। यह नौसैन्य अभ्यास, भाग लेने वाली नौसेनाओं को एक दूसरे की विशेषज्ञता एवं अनुभवों से लाभ प्राप्त करने का अवसर है। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस अभ्यास का संचालन करना कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह भाग लेने वाली नौसेनाओं और एक स्वतंत्र, खुले तथा समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए इन देशों के साझा दृष्टिकोण और तालमेल का प्रमाण है।

वर्ष 1992 में आईएन-यूएसएन अभ्यास के रूप में हुई थी शुरुआत
समुद्री नौसैन्य अभ्यास की मालाबार श्रृंखला वर्ष 1992 में आईएन-यूएसएन अभ्यास के रूप में शुरू हुई थी। 2007 में, जापान, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाओं ने पहली बार मालाबार नौसैन्य अभ्यास में भाग लिया था। वहीं 2015 में, जापानी समुद्री आत्मरक्षा बल मालाबार अभ्यास में एक स्थायी सदस्य के रूप में शामिल हो गया। वर्ष 2020 के अभ्यास संस्करण में रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना ने भी इसमें हिस्सा लिया।

चारों देश ‘क्वाड’ के सदस्य
भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ‘क्वाड’ के सदस्य हैं। इसका पूरा नाम क्वाड्रीलैटरल सिक्टोरिटी डायलॉग है। इसके सदस्य ‘स्वतंत्र, खुले और समृद्ध’ भारत-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने और समर्थन करने के लिये साझा उद्देश्य वाले चार लोकतंत्र हैं। इस वर्ष मालाबार नौसैन्य अभ्यास का 25वां संस्करण है, जिसकी मेजबानी अमेरिकी नौसेना द्वारा पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में की जा रही है। इस अभ्यास का 24वां संस्करण नवंबर‚ 2020 में बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर में किया गया था।

नौसेनाओं के बीच परस्पर कार्यक्षमता को बढ़ावा देना है उद्देश्य
भारत द्वारा समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में अन्य देशों के साथ सहयोग बढ़ाने का प्रयास किया जाता रहा है और इसी संदर्भ में ऑस्ट्रेलिया के साथ बढ़ते रक्षा सहयोग के चलते मालाबार, 2021 में भी 2020 की तरह ऑस्ट्रेलियाई नौसेना शामिल हुई है। इस अभ्यास का उद्देश्य चारों देशों की नौसेनाओं के बीच परस्पर कार्यक्षमता को बढ़ावा देना और समुद्री सुरक्षा संचालनों के लिए प्रक्रियाओं की आम सूझ-बूझ को विकसित करना है।

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