– डॉ. दिलीप अग्निहोत्री कुछ दिन पहले योगी आदित्यनाथ मंत्रिपरिषद को लेकर अफवाहों का बाजार सजाया गया था। सत्ता पक्ष के प्रत्येक नेता की सामान्य यात्राओं को भी परिवर्तन से जोड़कर पेश किया जा रहा था। इस हवाई प्रचार अभियान में शामिल लोग उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं थे। उन्होंने […]

डिज्नीलैंड स्थापना दिवस विशेष – योगेश कुमार गोयल मूल रूप से अमेरिका के कैलिफोर्निया के एनाहिम स्थित ‘डिज्नीलैंड’ ऐसा मनोरंजन और थीम पार्क है, जहां दुनियाभर से आने वाले बच्चों के साथ-साथ बड़े भी खूब मस्ती करते हैं। यह ऐसी जगह है, जहां कल्पनाओं से भरी अनूठी दुनिया हर किसी […]

– अली खान मौजूदा वक्त में मानव जीवन कई दुश्वारियों से गुजर रहा है। आज सबसे बड़ी चुनौती मानसिक संतुलन को बनाए रखने की है। इस प्रगतिशील दौर में मानव की अनन्त चाह ने जीवन को खासा प्रभावित किया है। पिछले कुछ समय से आत्महत्या, अवसाद, तनाव की बातें बहुत […]

– डॉ. दिलीप अग्निहोत्री विकास की समग्र अवधारणा में सांस्कृतिक, आध्यात्मिक व ऐतिहासिक नगरों का विशेष महत्व होता है। अनेक देशों ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया। उन्होंने अपने ऐसे नगरों में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई। उनकी अर्थव्यवस्था में पर्यटन व तीर्थाटन का विशेष योगदान रहता है। […]

– ऋतुपर्ण दवे प्रकृति पर कब किसका जोर रहा है? न प्रकृति के बिगड़े मिजाज को कोई काबू कर सका और न फिलहाल मनुष्य के वश में दिखता है। इतना जरूर है कि अपनी हरकतों से प्रकृति को लगातार नाराज जरूर किया जा रहा है जिसपर प्रकृति का विरोध भी […]

– आर.के. सिन्हा आगामी टोक्यो ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए भारत के 122 खिलाड़ियों के नामों की घोषणा हो गई है। कोरोना काल ने ओलंपिक खेलों का मजा तो किरकिरा सा कर दिया है, फिर भी सारे भारत की जनता अपने खिलाड़ियों के श्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद तो […]

– योगेश कुमार गोयल हर साल की भांति इसबार भी बिहार बाढ़ के कहर से त्राहि-त्राहि कर रहा है। बिहार सहित कुछ और राज्यों के हालात को देखते हुए ऐसा प्रतीत होने लगा है, जैसे मानसून के दौरान बाढ़ के कहर को झेलना लोगों की नियति बन गया है, जिसे […]

– सोनम लववंशी एक तरफ हम चांद और मंगल पर जीवन बसाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। तो वही दूसरी तरफ हमारे समाज का एक बड़ा तबका महिलाओं के ‘ड्रेसकोड’ में ही उलझा हुआ है। अब हम इक्कीसवीं सदी में भले पहुँच गए हो, लेकिन महिलाओं के कपड़ो को लेकर […]

– डॉ. रमेश ठाकुर नेपाल में पक्ष और विपक्ष के दरम्यान बीते पांच महीनों से सत्ता को लेकर सियासी जंग छिड़ी हुई थी। प्रधानमंत्री की कुर्सी हथियाने के लिए दोनों में युद्ध जैसी जोर आजमाइश हो रही थी। अंतत: सफलता विपक्षी दलों के हाथ लगी। उम्मीद नहीं थी कि शेर […]

– डॉ. अजय खेमरिया भारतीय जनसंचार संस्थान के एक ऑनलाइन सर्वेक्षण एवं शोध के नतीजे बताते हैं कि भारत में अधिसंख्य जागरूक लोग इस बात को समझ रहे हैं कि यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों की मीडिया एजेंसियों ने कोरोना को लेकर अतिरंजित, गैर जिम्मेदाराना और दहशतमूलक खबरें प्रकाशित की। […]